सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा । नगर पालिका परासिया में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत मंधान डैम से शहर में जलापूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मनधान डैम से दरवाई स्कूल तक सड़क के साइड शोल्डर की खुदाई कर पाइपलाइन को निर्धारित गहराई से कम गहराई में डाल दिया गया, जबकि एमबी (मेजरमेंट बुक) में पाइपलाइन की गहराई अधिक दर्ज कर भुगतान निकाल लिया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर पाइपलाइन की वास्तविक स्थिति और एमबी में दर्ज विवरण में अंतर है। यदि संबंधित स्थल का भौतिक सत्यापन और तकनीकी जांच कराई जाए तो पाइपलाइन की वास्तविक गहराई तथा एमबी में दर्ज गहराई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
सड़क चौड़ी होने पर बढ़ सकती है परेशानी मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल भविष्य को लेकर उठाया जा रहा है। जिस स्थान पर पाइपलाइन डाली गई है, वहां यदि भविष्य में सड़क का चौड़ीकरण किया जाता है तो पाइपलाइन सड़क के बीच में आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में पाइपलाइन को दोबारा शिफ्ट करने पर सरकारी राशि का अतिरिक्त खर्च होने की संभावना रहेगी।
अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शासन की महत्वपूर्ण जलापूर्ति योजना में निर्धारित मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है, लेकिन यदि मौके पर कम गहराई में पाइपलाइन डालकर अधिक गहराई दर्ज की गई है तो यह गंभीर जांच का विषय है।
मामले में मांग की जा रही है कि मनधान डैम से दरवाई स्कूल तक पाइपलाइन बिछाने के कार्य का स्थल निरीक्षण, खुदाई कर भौतिक सत्यापन और एमबी में दर्ज माप का मिलान कराया जाए। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार हुआ है या नहीं और भुगतान वास्तविक कार्य के अनुरूप किया गया है या नहीं।
अब देखना होगा कि नगर पालिका एवं संबंधित विभाग इस मामले में भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं।















