Home AGRICULTURE मखाना खेती का सुनहरा मौका: किसानों को मिलेगा लाखों रुपये अनुदान

मखाना खेती का सुनहरा मौका: किसानों को मिलेगा लाखों रुपये अनुदान

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सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले में किसानों की आय बढ़ाने और मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना’ के तहत विभिन्न घटकों के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। योजना के तहत इच्छुक किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।योजना के अंतर्गत मखाना खेती के लिए किसानों को अलग-अलग घटकों में प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। विभाग ने जिले में कुल 7.8 हेक्टेयर के विभिन्न लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

तालाब में मखाना खेती पर मिलेगा अनुदान’तालाब में मखाना खेती नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ घटक के तहत जिले में 3 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर लक्ष्य शामिल है।इस घटक में किसानों को ₹71,600 प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है।प्रक्षेत्र में मखाना खेती के लिए भी सहायता’मखाना की खेती प्रक्षेत्र कल्टीवेशन नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ घटक में भी 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, एसटी वर्ग के लिए 1 हेक्टेयर और एससी वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर लक्ष्य है।इस घटक के तहत किसानों को ₹52,800 प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा।

नया तालाब बनाकर मखाना खेती पर बड़ा अनुदान मखाना खेती के लिए नवीन तालाब निर्माण घटक के तहत जिले को 0.800 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 0.600 हेक्टेयर और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.200 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस घटक में ₹2.80 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। किसानों के लिए यह मखाना खेती शुरू करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

डेमोंस्ट्रेशन यूनिट पर 100 प्रतिशत अनुदान योजना के ‘एकीकृत खेती सहित डेमोंस्ट्रेशन’ घटक में सामान्य वर्ग के लिए एक इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी इकाई लागत ₹2 लाख है और इसमें 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है।

किसान कहां करें आवेदन?उप संचालक उद्यान छिंदवाड़ा एम.एल. उइके ने जिले के इच्छुक किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए शीघ्र आवेदन करने की अपील की है। पात्र किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन कराकर योजना का लाभ लिया जा सकता है।

ड्रिप और स्प्रिंकलर पर भी किसानों को मिलेगा अनुदान इसके साथ ही उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (PDMC) योजना 2026-27 के तहत भी विभिन्न सिंचाई संयंत्रों के लक्ष्य शेष हैं।विभाग के अनुसार पोर्टेबल स्प्रिंकलर में एससी वर्ग के लिए 19.930 हेक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर में एससी वर्ग के लिए 14.340 हेक्टेयर, ड्रिप संयंत्र में एसटी वर्ग के लिए 21.500 हेक्टेयर और एससी वर्ग के लिए 35.700 हेक्टेयर के लक्ष्य शेष हैं।योजना के तहत बड़े किसानों को निर्धारित इकाई लागत का 45 प्रतिशत, जबकि लघु एवं सीमांत किसानों को 55 प्रतिशत अनुदान देय है।इच्छुक किसान अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी/ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा कियोस्क सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन भी किया जा सकता है।

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