सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा/ छिंदवाड़ा नगर तहसील में पदस्थ पटवारी याचना सोनी के नाम से जुड़ी करीब 80 लाख रुपये की जमीन खरीदी का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है।इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने और मामले में कुछ बिंदु संदिग्ध पाए जाने के बाद एसडीएम छिंदवाड़ा ने पटवारी याचना सोनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
पिछले दिनों कुछ समाचार पत्रों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था जिसकी सम्पूर्ण जांच के लिए अब नोटिस जारी कर पटवारी याचना सोनी से जवाब तलब किया गया है। यदि अनुमति प्राप्त करने अथवा आय से अधिक संपत्ति के मामले में जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो याचना सोनी के विरुद्ध FIR भी की जा सकती है ऐसा होने पर याचना सोनी की सेवा से बर्ख़ाश्तगी तय मानी जा रही है।
1.288 हेक्टेयर निजी और 1.264 हेक्टेयर शासकीय भूमि का मामला
शिकायत और जांच रिपोर्ट में महेश माधवानी द्वारा खसरा नंबर 317/1/1/2/1/1/1/2/2 की करीब 1.288 हेक्टेयर भूमि के छोटे-छोटे टुकड़े कर बिक्री किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा करीब 1.264 हेक्टेयर शासकीय भूमि के हिस्से पर कथित अतिक्रमण कर भूखंड काटने और बेचने की बात भी जांच में सामने आने का दावा किया गया है।बताया गया है कि जांच दल ने अपना पंचनामा 14 जुलाई को शासन को सौंप दिया था। इसके बावजूद मामले में अब तक एफआईआर नहीं होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं नगर निगम की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगे जाने की बात भी सामने आई है।
पटवारी द्वारा जमीन खरीदी पर भी उठे सवाल पूरे मामले में शिकायतकर्ता पक्ष ने यह भी सवाल उठाया है कि जिस क्षेत्र में अवैध कॉलोनी और शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायतों की जांच हो रही है, उसी क्षेत्र से संबंधित एक भूखंड की खरीदी पटवारी याचना सोनी के नाम से होने का दावा किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, संबंधित भूखंड की रजिस्ट्री 4 नवंबर 2025 को उप-पंजीयक कार्यालय में पंजीयन क्रमांक MP4GR17052025100992556 से कराई गई थी। शिकायत में दावा किया गया है कि वर्तमान में इस क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब 2 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तक बताई जा रही है।अब प्रशासन के सामने मुख्य सवाल यह है कि संबंधित जमीन खरीदने से पहले पटवारी द्वारा विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं, संपत्ति की वास्तविक कीमत क्या थी और खरीदी उनकी ज्ञात आय के अनुरूप थी या नहीं। इन सभी बिंदुओं पर प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पटवारी याचना सोनी को नोटिस जारी किया गया है और उनका जवाब आने के बाद ही प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।















