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पेंच नेशनल पार्क का कोर क्षेत्र पर्यटकों के लिए खुला, 1 अक्टूबर से शुरू हुई जंगल सफारी

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सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा । मानसून अवधि समाप्त होने के बाद पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वार 1 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए पुनः खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही नए पर्यटन सीजन की औपचारिक शुरुआत हो गई और पेंच में सफारी गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं।पर्यटन सीजन के शुभारंभ के अवसर पर सभी प्रवेश द्वारों पर बाघिन दीदी, पेंच मित्र दल के सदस्यों और महिला गाइडों द्वारा पूजा-अर्चना कर सफारी का औपचारिक उद्घाटन किया गया। पेंच प्रबंधन द्वारा वन्यजीव संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘बाघिन दीदी’ पहल को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता में निभाएंगी भूमिका‘बाघिन दीदी’ ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और लोगों में जागरूकता बढ़ाने का काम करेंगी। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।पेंच टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। पिछले वर्ष यहां करीब 2.17 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया था। वर्ष 2023 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगभग 254 करोड़ रुपये की आय होने का आकलन किया गया था।

‘द जंगल बुक’ से भी जुड़ा है पेंचपेंच टाइगर रिजर्व का संबंध विश्व प्रसिद्ध साहित्यिक कृति ‘द जंगल बुक’ से भी जोड़ा जाता है। प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग के उपन्यास के पात्र मोगली की प्रेरणास्थली के रूप में पेंच क्षेत्र को जाना जाता है। रिजर्व अपने समृद्ध वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में पेंच में लगभग 79 वयस्क बाघ और 15 शावक स्वच्छंद रूप से विचरण कर रहे हैं।पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगारपेंच प्रबंधन का कहना है कि पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका के स्थायी और सम्मानजनक अवसर मिलते हैं। पर्यटकों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलती है।

सफारी शुभारंभ कार्यक्रम क्षेत्र संचालक देवाप्रसाद जे., उपसंचालक पुनीत गोयल, सहायक संचालकों और सभी वन परिक्षेत्र अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित सफारी अनुभव उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।पेंच प्रबंधन को उम्मीद है कि इस पर्यटन सीजन में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी। साथ ही, प्रबंधन का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों के साथ वन्यजीव संरक्षण के लक्ष्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

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