Home DHARMA राष्ट्रीय एकता, समाजिक समरस्ता और आतंकवाद पर हुई तकरीर

राष्ट्रीय एकता, समाजिक समरस्ता और आतंकवाद पर हुई तकरीर

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सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा।जुन्नारदेव -मस्जिद आयशा में राष्ट्रीय एकता सामाजिक समरसता, आतंकवाद के विषयों पर तकरीर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इस्लामी विद्वान मौलाना अब्दुल वाहिद सल्फी एवं मौलाना अब्दुल कुड्डूस उमरी, हाफिज नसीर अहमद स्टूडेंट मदीना यनिवर्सिटी ने अपने-अपने विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। हाफिज नसीर अहमद ने अपने उद्बोधन में बताया कि मजहबे इस्लाम राष्ट्रीय एकता की बात करता है। आगे उन्होंने कहा कि संपूर्ण मानव जाति एक जीव से पैदा की गई है। इसलिए संपूर्ण विश्व के इंसान एक दूसरे के भाई-बहन है। यही राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी मिशाल है। उन्होंने अपनी तकरीर में पैगंबर मोहम्मद साहब और इस्लाम धर्म के संबंध में महात्मा गांधी पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित अनेकों महान लोगों के विचारों को का उल्लेख करते हुए इस्लाम धर्म को शांति सांप्रदायिक सौहार्द आपसी भाईचारे का धर्म बताया। आगे उन्होंने कहा कि इस्लाम आतंकवाद-हिंसक घटनाओं की घोर निन्दा करता है।

इसी क्रम में मौलाना अब्दुल कुददूस उमरी ने इस्लाम और आतंकवाद पर विस्तार पूर्वक अपने विचार रखें। मौलाना उमरी ने कहा कि जो मजहब अमन शान्ति का संदेश देता हो वह धर्म बेगुनाह निर्दोष लोगो की हत्या, भय, आंतक का समर्थन कैसे कर सकता है। उन्होंने कुरआन की एक आयत पढ़ते हुए बताया किजिसने किसी एक निर्दोष, बेगुनाह इन्सान की हत्या किया मानो उसने पूरी मानवता की हत्या कर दी। और जिसने एक व्यक्ति की जान बचाई मानो उसने पूरी इन्सानियत मानवता को बचा लिया। दुर्भाग्यवश कुछ आतंकवादी संगठन अलकायता ISIS अन्य कट्टरपंथी समूह इस्लाम के नाम का दुरुपयोग करते हैं।

यह संगठन अपने राजनैतिक व हिंसक उद्देशों को मजहबी धार्मिक रंग देकर लोगो को गुमराह करते हैं। इनकी हरकतों से इस्लाम और मुसलमान बदनाम होता है। इनके यह धृणित कार्य कुरआन के अनुरूप नहीं है। और न ही हजरत मुहम्मद साहब की शिक्षाओं के।इस्लाम का संदेश अमन शान्ति और मानवता है। कार्यक्रम में मौलाना अब्दुल वाहिद सेल्फी ने सभी इंसानों में बराबरी के विषय पर अपने विचार रखे । कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन मोहम्मद ताहिर ने करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में भाईचारा, आपसी सद्भाव, राष्ट्रीय एकता तथा शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर जामा मस्जिद कमेटी सदर गौहर जमाल शाह ,सेक्रेटरी असलम अब्दाली, पूर्व प्रिंसिपल सबिर अली निसार ख़ान ,जी एस खान, रफीक खान, जमील अहमद आरबी कुरैशी, माजरी मस्जिद से हाजी मोहम्मद शाहिद , ईदगाह मस्जिद से मजीद खान, आयशा मस्जिद से मोहम्मद रफी शेख, इनायतुल्लाह युसूफ तबरेज मो. इसराइल, हाफिज फरूक,हाफिज नूरुल हक, मौलाना आदिल सहित सैकड़ो महिला पुरुष बच्चे उपस्थित थे। यह कार्यक्रम शाम 7:30 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी को भोजन करवाया गया।इस प्रोग्राम में 100 से 150 लोग उपस्थित थे।

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