छिंदवाड़ा में फर्जी मेडिकल यूनिवर्सिटी का खुलासा: सैकड़ों छात्रों से वसूली जा रही लाखों की फीस, ‘प्रधानमंत्री अप्रूव्ड स्कीम’ के नाम पर ठगी

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साल का एलोपैथिक कोर्स और 6 माह की इंटर्नशिप का लालच देकर चलाया जा रहा फर्जी “मेडिकल कॉलेज” — छात्रों को दिए जा रहे आई कार्ड, यूनिफॉर्म और क्लासेस से बनाई जा रही असली जैसी पहचान

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश):छिंदवाड़ा जिले में एक बड़ा शिक्षा घोटाला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिले में एक फर्जी मेडिकल यूनिवर्सिटी पिछले एक वर्ष से संचालित की जा रही है, जिसमें “DIPLOMA IN COMMUNITY MEDICAL SERVICE & SURGERY” नामक कोर्स के तहत छात्रों से प्रति वर्ष तीन लाख रुपये तक की भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है।विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह संस्थान न तो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) से मान्यता प्राप्त है और न ही किसी सरकारी विश्वविद्यालय से संबद्ध। इसके बावजूद संस्थान द्वारा बाकायदा क्लास लगाना, यूनिफॉर्म देना, आई कार्ड जारी करना और फर्जी दस्तावेजों के जरिए छात्रों को भ्रमित करना जारी है।

फर्जी स्कीम का नाम:संस्थान द्वारा छात्रों को यह बताकर प्रवेश दिया जा रहा है कि यह कोर्स “PRIME MINISTER UNREGISTERED DOCTOR UPGRADATION SCHEME (5 YEAR PLAN APPROVED BY PMO OFFICE)” के तहत चलाया जा रहा है। इस स्कीम का न तो किसी सरकारी दस्तावेज में उल्लेख है और न ही प्रधानमंत्री कार्यालय की किसी स्वीकृति की जानकारी उपलब्ध है।

जिले में दो स्थानों पर संचालित है कॉलेज:सूत्र बताते हैं कि इस फर्जी यूनिवर्सिटी का एक केंद्र छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर और दूसरा एक तहसील क्षेत्र में संचालित है। यहां 2 साल + 6 महीने की इंटर्नशिप का झांसा देकर छात्रों को डॉक्टर बनने का सपना दिखाया जा रहा है।जांच की मांग तेज:स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो और ऐसे फर्जी संस्थानों पर लगाम लग सके।

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