Home CITY NEWS मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

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बुरहानपुर जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,598 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति,पीएम जनमन योजना की निरंतरता के लिए 795 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति,प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता के लिए 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति,ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति,सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति,

सतपुड़ा एक्सप्रेस भोपाल/छिन्दवाड़ा// मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे।मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी और 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलना अनुमानित है।पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति- मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा।ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति- मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा।

सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति– मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है। बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट के लिए टैबलेट प्रदान किये गये एवं प्रशिक्षण दिया गया।

मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट पारदर्शिता और समय की बचत के लिए सभी मंत्री नई व्यवस्था का लें लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव,मध्यप्रदेश में ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में हुआ महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशनई-प्रशासन में नवाचार से प्रसन्न हुए मंत्रि-परिषद सदस्य,भोपाल// मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।

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