Home DHARMA हनुमान लोक परियोजना – विकास की नई उड़ान….

हनुमान लोक परियोजना – विकास की नई उड़ान….

WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp ग्रुप जॉइन करें

*सब सुख लहे तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहे को डरना…

**60 दिनों में निर्माण पूर्ण करने के दृढ़ संकल्प से विश्वविख्यात चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर जामसावली धाम होने जा रहा है भव्य और दिव्य**

सतपुड़ा एक्सप्रेस सौसर-28 फरवरी*: कई वर्षों से अविरत बंद पड़े चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर के पुनर्निर्माण का स्वप्न वर्तमान ट्रस्ट के अथक परिश्रम, अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प से साकार रूप ले रहा है। “सब सुख लहे तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहे को डरना” की पावन भावना के साथ मंदिर संस्थान के प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य श्री संदीप मोहोड जी और संस्थान के अध्यक्ष श्री गोपाल शर्मा जी द्वारा स्वयं के व्यय से 15 जनवरी को प्रारंभ किया गया यह ऐतिहासिक निर्माण कार्य, आगामी हनुमान जन्मोत्सव के पूर्व 15 मार्च तक पूर्ण करने के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर है।महज 60 दिनों के अल्प समय में मंदिर का भव्य एवं दिव्य स्वरूप उभरकर सामने आ रहा है। यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण है।

*भव्य मंदिर निर्माण — सुविधा, सौंदर्य एवं आधुनिकता का संगम*नव-निर्मित मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्राउंड फ्लोर पर सर्वसुविधायुक्त रैलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पंखे, शुद्ध पेयजल व्यवस्था सहित अनेक आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।वंही प्रथम तल पर दिव्यांगजन एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं हेतु सुगम रैंप व्यवस्था, आकर्षक गजद्वार, विशाल एंट्रेंस सीढ़ियाँ,मराठा स्थापत्य कला से सुसज्जित प्रवेश द्वार, आधुनिक तकनीक से निर्मित भव्य डोम, मॉडर्न एयर हैंडलिंग यूनिट, एचवीएलएस कमर्शियल फैन, सुंदर मार्बल टाइल्स फ्लोरिंग, आकर्षक सीलिंग, बैठने हेतु बेंच एवं सुरक्षा रैलिंग की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है।यहां एक साथ पाँच हजार श्रद्धालु बैठकर सामूहिक रूप से दैनिक आरती और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकेंगे। परिसर में तीर्थ जल केंद्र, प्रसाद वितरण केंद्र एवं संस्थान द्वारा संचालित विक्रय केंद्र की भी स्थापना की गई है, जिससे भक्तों को समग्र धार्मिक सुविधा प्राप्त हो सके।

मंदिर परिसर का बाह्य विकास— शिल्प और संस्कृति का अद्भुत संगम*कालांतर से बंद पड़े सभामंडप ओपन स्ट्रक्चर को नया जीवन प्रदान करते हुए आकर्षक म्यूरल पेंटिंग, कॉलम एलिवेशन, आर्चेस टेराकोटा जाली , टेक्सचर पेंटिंग तथा 13 भव्य शिखरों का निर्माण किया गया है। यह कार्य मंदिर निर्माण हेतु प्रसिद्ध नांदेड़ (महाराष्ट्र) के कुशल कारीगरों द्वारा मूर्त रूप दिया गया है। शीर्ष शिखर पर धर्मध्वज स्थापना की जाएगी, जो विशेष रूप से अहमदाबाद से मंगाई जा रही है। मंदिर एलिवेशन पर हनुमान जी के बाल्य, किशोर एवं वीर स्वरूप की दिव्य लीलाओं का सजीव चित्रण भक्तों के मन को श्रद्धा एवं भक्ति से सराबोर करेगा। अयोध्या मंदिर की तर्ज पर बाह्य आकर्षक लाइट्स और पैनल लगाए जा रहे है जो मंदिर को रात्रि के समय सुंदर और आकर्षक बनायेंगे

*हनुमान लोक परियोजना — विकास की नई उड़ान*शासन द्वारा स्वीकृत 12 करोड़ रुपये की लागत से हनुमान लोक परियोजना के द्वितीय चरण में मंदिर तक चिरंजीवी पथ का निर्माण, नाले का विस्थापन, सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। कलेक्टर पांढुर्णा श्री नीरज कुमार वशिष्ठ जी द्वारा हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियो हेतु किए गए औचक निरीक्षण में मंदिर परिसर के समक्ष संचालित नारियल एवं पूजा सामग्री की दुकानों को अस्थायी रूप से चिरंजीवी पथ परिसर में स्थानांतरित किये जाने और मंदिर परिसर को नो शॉपिंग जोन करने हेतु मंदिर संस्थान को आदेशित किया था जिससे सुरक्षा और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर के समक्ष विशाल एवं भव्य मैदान विकसित किया जा सके।

29 मार्च से भव्य श्रीराम कथा— धर्म, भक्ति और संस्कारों का महासंगम*मंदिर संस्थान द्वारा पांढुर्णा मार्ग स्थित मंदिर से लगी लगभग 11 एकड़ भूमि का समतलीकरण कर वहां 29 मार्च से हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।इस दिव्य आयोजन में विश्वविख्यात पद्मविभूषण, तुलसीपीठाधीश्वर, जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा का अमृतपान श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। इसके साथ ही अनेक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक आयोजन चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर जामसांवली धाम में संपन्न होंगे।संस्थान अध्यक्ष श्री गोपाल शर्मा जी ने बताया कि, यह भव्य मंदिर निर्माण केवल एक संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बनेगा। श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं दानदाताओं के सहयोग से यह महायज्ञ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

  • WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp चैनल जॉइन करें