सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले के मोहखेड़ विकासखंड स्थित आदिवासी बालक आश्रम सिल्लेवानी के छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में कलेक्टर ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। आश्रम अधीक्षक द्वारा घटना की सूचना समय पर विभाग को नहीं देने और गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदिवासी बालक आश्रम सिल्लेवानी में कक्षा 4 के छात्र संजय उइके, पिता जयसिंह उइके, 9 जुलाई 2026 को अपने भाई एवं रिश्तेदारों के साथ ग्राम उमरानाला से लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम तंसरा के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल छात्र को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि आश्रम अधीक्षक घूडेशाह उइके (मूल पद उच्च श्रेणी शिक्षक) ने घटना के 24 घंटे बाद तक भी विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी। प्रशासन ने इसे आश्रम संचालन में गंभीर लापरवाही, कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता माना।कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि अधीक्षक का आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के विपरीत है तथा प्रथम दृष्टया कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके चलते उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(2) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में घूडेशाह उइके का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, हर्रई निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता रहेगी।कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।













