लापरवाही से बिछुआ के जंगल में चल रही कुल्हाड़ी
सतपुड़ा एक्सप्रेस बिछुआ। पूर्व वनमंडल, छिंदवाड़ा के बिछुआ का जंगल वन माफियाओं के हवाले कर दिया गया है। वन अधिकारियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए तस्कर जंगल में ही सिल्लियां तैयार कर रहे हैं और यहां से रात के अंधेरे में सिल्लियों की तस्करी की जा रही है। पानाथावड़ी, सुरंगी, गढ़िया, पलोरा, बोरिया सहित अन्य के जंगलों में हो रही बेतहाशा कटाई पर वन विभाग के अधिकारी लगाम नहीं कस पा रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाह कार्यप्रणाली का नतीजा ये है कि जंगल मैदान में तब्दील होता जा रहा है और माफिया अमले के संरक्षण में सागौन पेड़ों की बलि ले रहा है। बिछुआ रेंज की दस बीट में सक्रिय माफियाओं ने सागौन पेड़ों की कटाई की है।
*मुख्यालय में नहीं रहते रेंजर और वनकर्मी*जंगल की सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी मुख्यालय में नहीं रहते। जिसका फायदा तस्कर उठा रहे है। ग्रामीणों की मानें तो वन चौकियों पर कभी कभार ही कर्मचारी दिखाई देते है। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए सिल्लियां निकाल रहे हैं।
*झुंड में निकलते हैं तस्कर?*विभागीय सूत्रों की मानें तो जंगल में कटाई करने तस्कर झुंड में निकलते हैं। एक पेड़ काटने में इन माफियाओं को एक घंटे से भी कम समय लगता है। कटाई करने के बाद तस्कर जंगल में ही पेड़ों की कीमती लकड़ियों की सिल्लियां बना देते हैं। इस दौरान तस्करों के पास घारदार हथियार होते हैं। जिसकी वजह से वनकर्मी भी तस्करों पर कार्रवाई करने से डरते हैं।
*इन बीटों में बेतहाशा कटाई*रेंज अधिकारी समेत बीट गार्डों की लापरवाही का फायदा उठा रहे तस्कर बिछुआ के जंगल पर राज कर रहे हैं। जिन पर अधिकारी लगाम नहीं कर पा रहे है। विभागीय सूत्रों की मानें तो बिछुआ के पानाथावड़ी, सुरंगी, गढ़िया, बोरिया के कक्ष क्रमांक- 1510, 1511, 1506, और 1546, 1543, 1544, 1545 में अवैध कटाई की जा रही है।
*बेरियर न होने का उठा रहे फायदा*जंगल के प्रवेश मार्ग पर वन विभाग द्वारा बैरियर बनाए जाते हैं, ताकि जंगल से निकलने वाली वन संपदा पर नजर रखी जा सके, लेकिन बिछुआ के जंगल में बैरियर नहीं के बराबर हैं। जिसका फायदा उठाते हुए वन माफिया जंगल से सागौन की लकड़ियों का परिवहन धड़ल्ले से कर रहे हैं।
*इनका कहना है- बिछुआ में अवैध कटाई की जानकारी मिलने के बाद तस्करों पर कार्रवाई की जाएगी। रात में गश्ती जारी है।**करिश्मा शेख, रेंजर बिछुआ*















