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बालाघाट में राहुल गांधी ने आदिवासी बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, बोले- 24 घंटे विकास की बात, जमीन पर बदहाली

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सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बालाघाट जिले में बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बैहर-बिरसा क्षेत्र के जागला गांव पहुंचे और हाल में जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान 30 से अधिक बच्चों की मौत हुई है।राहुल गांधी ने पीड़ित बैगा और गोंड परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बच्चों की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार, पेयजल और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।

सरकार पर राहुल गांधी का तीखा हमला पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार 24 घंटे विकास की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति गंभीर है।उन्होंने आरोप लगाया कि जिन आदिवासी परिवारों को संकट के समय सरकार और प्रशासन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल सकीं। राहुल गांधी ने सरकार से आदिवासी परिवारों को उनके अधिकार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे उठाए राहुल गांधी ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी अंचलों में बेहतर अस्पताल, डॉक्टर और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा और रोजगार को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।उन्होंने वन अधिकार अधिनियम, जमीन के पट्टे और मनरेगा जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस का आरोप है कि इन योजनाओं और कानूनों का लाभ आदिवासी परिवारों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच रहा है।बालाघाट के प्रभावित क्षेत्र में बच्चों के बीमार पड़ने और मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर जांच, स्क्रीनिंग और उपचार अभियान चलाया है। सितंबर की रिपोर्टों में चार प्रभावित गांवों में सैकड़ों मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आई थी। बिरसा क्षेत्र में कुपोषण की स्थिति को लेकर भी सरकारी आंकड़ों पर रिपोर्टें सामने आई हैं।

जमीन पर बैठकर सुनी पीड़ित परिवारों की बात जागला गांव में राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली।राहुल गांधी ने प्राथमिक शाला माटे का भी भ्रमण किया और क्षेत्र की शैक्षणिक एवं पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी ग्रामीण भी उनसे मिलने पहुंचे।लोकसभा में उठाने की बातराहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट सहित मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं और बच्चों की मौत के मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी संसद में उठाए जाएंगे।इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हैं। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

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