सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले के हर्रई विकासखंड की प्राथमिक शाला वसुरियाकला में शाला संचालन एवं व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने प्रधान पाठक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।जारी नोटिस के अनुसार 27 अगस्त 2026 को कलेक्टर द्वारा विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान शाला परिसर में लकड़ियों का गट्ठा रखा पाया गया। विभाग के अनुसार लकड़ियां अव्यवस्थित रूप से रखी गई थीं, जिससे बच्चों के लिए चोट लगने का खतरा था।पानी की टंकी में भी मिली गंदगीनिरीक्षण के दौरान विद्यालय की पानी की टंकी में काई लगी हुई पाई गई। विभाग ने इसे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना है।
नोटिस में उल्लेख है कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रधान पाठक को अवगत कराया गया था, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।कक्षा में शिक्षा का स्तर भी पाया गया निम्ननोटिस के मुताबिक कलेक्टर ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों के उत्तर संतोषजनक नहीं पाए गए और विद्यालय में शिक्षा का स्तर निम्न पाया गया।इन परिस्थितियों को विभाग ने शाला संचालन के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता माना है।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) में शासकीय सेवक से कर्तव्य के प्रति समर्पण और शासकीय सेवक के अनुरूप आचरण की अपेक्षा की गई है। 2 सितंबर तक मांगा स्पष्टीकरणसहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में संबंधित प्रधान पाठक से 2 सितंबर 2026 तक अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।विभाग ने मांगा जवाबमामले में अब प्रधान पाठक के जवाब पर विभाग की अगली कार्रवाई निर्भर करेगी। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।















