नियम विरुद्ध निर्माण के आरोप, कार्य रोकने की मांग; नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
सतपुड़ा एक्सप्रेस पांढुर्णा । जिले के मोहगांव नगर परिषद क्षेत्र में रिहायशी इलाके के समीप प्रस्तावित शासकीय शराब दुकान को लेकर नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे नगरवासियों ने अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री को शिकायत सौंपते हुए निर्माणाधीन शराब दुकान को नियम विरुद्ध बताते हुए तत्काल रोक लगाने और इसे नगर सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की।नागरिकों ने बताया कि एक माह के भीतर दूसरी बार बस्ती के समीप शराब दुकान स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले 1 अप्रैल को पांढुर्णा रोड स्थित दुकान को सरपा नदी किनारे आबादी क्षेत्र में शिफ्ट किया गया था, जिसे स्थानीय नागरिकों , महिलाओं और पार्षदों के विरोध और विधायक विजय चौरे के हस्तक्षेप के बाद हटा लिया गया था। इसके बावजूद अब मोहगांव के खतरनाक सिंगपुर जोड़ के पास, एक अंधे मोड़ के समीप रिहायशी क्षेत्र में पुनः दुकान निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।नियम विपरीत लग रही दुकान पर आपत्तिप्रस्तावित स्थल को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई है। उनके अनुसार यह स्थान सिंगपुर रोड और पंधराखेड़ी रोड के तिराहे पर स्थित है, जो वार्ड क्रमांक 10 का घनी आबादी वाला क्षेत्र है और दुर्घटना संभावित मोड़ के रूप में चिन्हित है।

यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल और कोचिंग के लिए आवागमन करते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किया जा रहा है। नगर परिषद, एमपीआरडीसी और लोक निर्माण विभाग से एनओसी नहीं ली गई है। वहीं जल संसाधन विभाग की नहर और पेयजल पंप हाउस के समीप निर्माण किया जा रहा है। साथ ही सड़क से निर्धारित दूरी के नियमों का उल्लंघन और मुरम डालकर अवैध भूमि भराव करने की बात शिकायत कर्ताओं ने बताई।नगरवासियों ने आरोप लगाया कि पहले शराब दुकान आबादी क्षेत्र से दूर संचालित हो रही थी, लेकिन अब इसे राजनीतिक रसूख के चलते रिहायशी क्षेत्र में लाने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण रोकने और दुकान हटाने की मांग प्रशासन से अवैध निर्माण तत्काल रोकने, संबंधितों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने और स्थल का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।














