सांसद बंटी विवेक साहू और साहू परिवार के माध्यम से जिलेवासियों को मिल रहा सहस्त्र चंडी महायज्ञ के दिव्य और पुण्य आयोजन का लाभ
श्री रामेश्वरम धाम में श्री शिव अभिषेक, देवी सहस्त्रार्चन और 1008 कुंडों में आहुतियों के साथ चल रहा 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। सहस्त्र चंडी महायज्ञ सनातन धर्म का एक अत्यंत शक्तिशाली और पुण्यदायी अनुष्ठान है। इस अनुष्ठान में देवी मां की पूजा से परिवार में सुख-समृद्धि, बाधाओं का नाश और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस महायज्ञ से मानसिक शांति, पारिवारिक बाधाओं से मुक्ति और ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर इस दिव्य और पुण्य आयोजन का लाभ जिलेवासियों को दिलाने के उद्देश्य से सांसद बंटी विवेक साहू और साहू परिवार एवं श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के द्वारा श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में 26 मार्च तक 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ देवी दुर्गा (चंडी) को समर्पित एक अत्यंत दुर्लभ धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें दुर्गा सप्तशती के हजारों पाठ किए जा रहे हैं। श्री रामेश्वरम धाम में दुरदराज से पधारे महंतों और 200 से अधिक पुजारियों के द्वारा 1008 कुंडीय वेदी पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चंडी होम (हवन) के माध्यम से कराया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन देवी दुर्गा को समर्पित हजारों आहुतियां दी जा रही है। इसमें शामिल होने वाले हजारों यजमानों सहित हजारों श्रद्वालूओं को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्टों (आधि-भौतिक, आधि-दैविक, आध्यात्मिक) से मुक्ति मिल सकती है।
महंतों और पुजारियों के द्वारा कराया जा रहा सहस्त्र चंडी महायज्ञ श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गुजरात कोहना से पधारे महंत सीताराम बापू जी, ओमकारेश्वर से पधारे महंत मंगलदास त्यागी जी, आनंद धाम राजना से पधारे संत विवेक जी महाराज और आचार्य पं. अरूण शर्मा शास्त्री जी एवं 200 से अधिक पुजारियों के द्वारा 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ कराया जा रहा है। जिसमें 26 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से श्री शिव अभिषेक, दोपहर 1ः30 बजे से देवी सहस्त्रार्चन एवं दोपहर 3 बजे से 1008 कुंडों में आहुतियां डाली जा रही है। इस दिव्य और भव्य महायज्ञ की गरिमा को बनाए रखने के लिए सिर्फ यजमानों और सेवादारों को ही आई. कार्ड. वितरित किए गए है। बाकी सभी दर्शनार्थियों को सहस्त्र चण्डीय महायज्ञ स्थल पर बिना आई. कार्ड के ही प्रवेश दिया जा रहा है। यज्ञस्थल के पास ही आमजनों और श्रद्धालुओं के लिए आहुतियां अर्पित करने हेतु अलग से यज्ञकुण्ड बनाया गया है, जहां पर सभी आमजन और श्रद्धालु आहुतियां अर्पित कर रहे है।
सागर सांसद सहित अन्य अतिथियों ने की पूजा अर्चनाश्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति और साहू परिवार के द्वारा चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर शुक्रवार को श्री रामेश्वरम धाम में बने यज्ञ स्थल पर पूजा अर्चना करने के लिए सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, श्रीमती विजया शेषराव यादव, खंडवा के पूर्व विधायक देवेन्द्र वर्मा, चौरई पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे, जुन्नारदेव पूर्व विधायक नत्थन शाह कवरेती, जुन्नारदेव नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सालोडे, भाजपा के वरिष्ठ नेता विरेन्द्र राय, कालीगोड़ी खंडवा से पूज्य मुनिश्री पंकज जी महाराज, बैतूल के सीसीएफ श्रीमधु वी राज सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण और हजारों की संख्या में श्रध्दालु व आमजन पहुंच हुए थे।छिन्दवाड़ा के इतिहास में पहला आयोजनहिन्दू धर्म में मंत्रों का अत्यंत महत्व है, जिन्हें दैवीय ऊर्जा और सकारात्मकता का स्रोत माना जाता है।
इन्ही मंत्राचार्य के साथ ही छिन्दवाड़ा के इतिहास में श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में पहली बार हो रहे इस 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार ने हजारों यजमानों और श्रध्दालुओं व आमजनों ने साथ 1008 कुंडों में मंत्राचार्य के बीच देर शाम तक आहुतियां छोड़ी। इसके पूर्व सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार और बडी संख्या में मौजुद श्रद्वालूओं ने श्री रामेश्वरम धाम में सुबह के समय श्री शिव अभिषेक और दोपहर में देवी जी का विधि विधान से सहस्त्रार्चन किया। इस दिव्य और पुण्य आयोजन में 26 मार्च तक प्रतिदिन हजारों यजमान 1008 यज्ञकुण्डों में आहुतियां अर्पित करेंगे।
शुक्रवार को 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में हजारों यजमान सहित हजारों श्रद्वालूजन शामिल हुये। श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने जिलेवासियों व धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि भगवान भोलेनाथ एवं जगत जननी मां दुर्गा जी असीम कृपा से आयोजित हो रहे इस सहस्त्र चंडी महायज्ञ में उपस्थित होकर महायज्ञ का पुण्य लाभ अर्जित कर, अपने जीवन को सफल बनाए।सनातन धर्म में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का है विशेष महत्व श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है, इस महायज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थति, जीवन में आने वाले अनेक संकटों, पारिवारिक बाधा, व्यक्तिगत बाधा, स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ जीवन में समस्त को साधने के यज्ञ का नाम, समस्त के आशीर्वाद को पाने का नाम है। जीवन में परमात्मा का साथ ही और पुण्य ही जीवन को सफल बनाता है और सहस्र चंडी महायज्ञ पुण्यों की संज्ञा में महापुण्य का नाम है।
इस यज्ञ के बाद मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस करता है। पुराणों में इसकी महिमा के बारे में यहाँ तक बताया गया है कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को गणेश जी, शिवजी, नव ग्रह और नव दुर्गा (देवी) को समर्पित करने से मनुष्य का जीवन धन्य होता है। ऐसा कहा जाता है कि सहस्त्र चंडी होम के साक्षी बनने के लिए भी व्यक्ति को वर्तमान और पूर्व जन्मों में महान कर्म करने चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है, “कलौ चंडी विनायकौ,“ जिसका अर्थ है कि कलियुग में देवी चंडी (मां दुर्गा) मानवजाति को तत्काल लाभ प्रदान करती हैं। देवी स्वयं देवी महात्म्यम के चौथे और बारहवें अध्यायों में चंडी परायण और होम करने से प्राप्त होने वाले सभी लाभों का वर्णन करती हैं।















