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श्री रामेश्वरम धाम में मंत्राचार्य के साथ हजारों यजमानों ने 1008 कुंडों में डाली आहुतियां

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श्री रामेश्वरम धाम में श्री शिव अभिषेक, देवी सहस्त्रार्चन और 1008 कुंडों में आहुतियों के साथ शुरू हुआ 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। हिन्दू धर्म में मंत्रों का अत्यंत महत्व है, जिन्हें दैवीय ऊर्जा और सकारात्मकता का स्रोत माना जाता है। इन्ही मंत्राचार्य के साथ ही श्री रामेश्वरम धाम सिहोरामाल में 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। श्री रामेश्वरम धाम में बने विशाल यज्ञ स्थल में देर शाम तक सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार ने हजारों यजमानों ने साथ 1008 कुंडों में मंत्राचार्य के बीच आहुतियां डाली। इसके पूर्व सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार और बडी संख्या में मौजुद श्रद्वालूओं ने श्री रामेश्वरम धाम में सुबह के समय श्री शिव अभिषेक और दोपहर में देवी जी का विधि विधान से सहस्त्रार्चन किया।

उल्लेखनीय है कि श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति और साहू परिवार के द्वारा चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में 19 मार्च से 26 मार्च तक 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस दिव्य और पुण्य आयोजन में 26 मार्च तक प्रतिदिन हजारों यजमान 1008 यज्ञकुण्डों में आहुतियां अर्पित करेंगे। छिन्दवाड़ा के इतिहास में श्री रामेश्वर धाम सिहोरामाल में पहली बार होने जा रहे इस 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में गुरूवार को सांसद बंटी विवेक साहू व साहू परिवार, हजारों यजमान सहित हजारों श्रद्वालूजन शामिल हुये।

श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गुजरात कोहना से पधारे महंत सीताराम बापू जी, ओमकारेश्वर से पधारे महंत मंगलदास त्यागी जी, आनंद धाम राजना से पधारे संत विवेक जी महाराज और आचार्य पं. अरूण शर्मा शास्त्री जी एवं 200 से अधिक पुजारियों की प्रमुख उपस्थिति में 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ कराया जा रहा है। जिसमें 26 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से श्री शिव अभिषेक, दोपहर 1ः30 बजे से देवी सहस्त्रार्चन एवं दोपहर 3 बजे से 1008 कुंडों में आहुतियां डाली जाएगी। इस दिव्य और भव्य महायज्ञ की गरिमा को बनाए रखने के लिए सिर्फ यजमानों और सेवादारों को ही आई. कार्ड. वितरित किए गए है। बाकी सभी दर्शनार्थियों को सहस्त्र चण्डीय महायज्ञ स्थल पर बिना आई. कार्ड के ही प्रवेश दिया जा रहा है। यज्ञस्थल के पास ही आमजनों और श्रद्धालुओं के लिए आहुतियां अर्पित करने हेतु अलग से यज्ञकुण्ड बनाया गया है, जहां पर सभी आमजन और श्रद्धालु आहुतियां अर्पित कर रहे है।

श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने जिलेवासियों व धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि भगवान भोलेनाथ एवं जगत जननी मां दुर्गा जी असीम कृपा से आयोजित हो रहे इस सहस्त्र चंडी महायज्ञ में उपस्थित होकर महायज्ञ का पुण्य लाभ अर्जित कर, अपने जीवन को सफल बनाए।सनातन धर्म में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का है विशेष महत्व श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है, इस महायज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थति, जीवन में आने वाले अनेक संकटों, पारिवारिक बाधा, व्यक्तिगत बाधा, स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ जीवन में समस्त को साधने के यज्ञ का नाम, समस्त के आशीर्वाद को पाने का नाम है। जीवन में परमात्मा का साथ ही और पुण्य ही जीवन को सफल बनाता है और सहस्र चंडी महायज्ञ पुण्यों की संज्ञा में महापुण्य का नाम है।

इस यज्ञ के बाद मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस करता है। पुराणों में इसकी महिमा के बारे में यहाँ तक बताया गया है कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को गणेश जी, शिवजी, नव ग्रह और नव दुर्गा (देवी) को समर्पित करने से मनुष्य का जीवन धन्य होता है। ऐसा कहा जाता है कि सहस्त्र चंडी होम के साक्षी बनने के लिए भी व्यक्ति को वर्तमान और पूर्व जन्मों में महान कर्म करने चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है, “कलौ चंडी विनायकौ,“ जिसका अर्थ है कि कलियुग में देवी चंडी (मां दुर्गा) मानवजाति को तत्काल लाभ प्रदान करती हैं। देवी स्वयं देवी महात्म्यम के चौथे और बारहवें अध्यायों में चंडी परायण और होम करने से प्राप्त होने वाले सभी लाभों का वर्णन करती हैं।

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