सतपुड़ा एक्सप्रेस (छिंदवाड़ा)।हर्रई विकासखंड में लगभग 15 वर्षों तक पदस्थ रहे पूर्व बीईओ प्रकाश कालम्बे पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि पद से हटाए जाने के बाद भी वे संकुल प्राचार्यों, अधीक्षकों और शिक्षकों के खिलाफ झूठी शिकायतें करवा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।बताया गया कि 24 दिसंबर 2025 की शाम हर्रई विकासखंड के शिक्षकों ने तहसीलदार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मोर्चा खोला था। इसके बाद कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रकाश कालम्बे को बीईओ पद से हटा दिया गया।
हालांकि शिक्षकों का कहना है कि पद से हटाए जाने के बावजूद पूर्व बीईओ प्रकाश कालम्बे हर्रई क्षेत्र के संदीपनी विद्यालय, कुछ संकुलों और छात्रावासों में अभी भी प्रभार में हैं, जिससे शिक्षक वर्ग में भय का माहौल बना हुआ है।शिक्षकों का आरोप है कि परीक्षा का समय नजदीक होने के बावजूद पूर्व बीईओ द्वारा सीएम हेल्पलाइन, झूठी खबरों और फर्जी शिकायतों के जरिए चिन्हित शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है, जिससे शिक्षक मानसिक तनाव में हैं और इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।इन्हीं आरोपों के विरोध में आज शाम 5 बजे धनौरा थाने में संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों द्वारा थाने में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।

शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व बीईओ को किसी भी शैक्षणिक संस्था से पूरी तरह अलग किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।















