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छिंदवाड़ा PMGSY में 100.73 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता, जी एम कविता पटवा और लेखाधिकारी को नोटिस

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सतपुड़ा एक्सप्रेसभोपाल/छिंदवाड़ा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बजट से अधिक देयक अपलोड करने के मामले में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने छिंदवाड़ा की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना क्रियान्वयन इकाई छिंदवाड़ा-1 को 655 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। लेकिन परीक्षण में पाया गया कि इकाई द्वारा 05 मार्च 2026 तक OMMAS पोर्टल पर कुल 755.73 लाख रुपये के देयक निर्मित कर अपलोड कर दिए गए।इस प्रकार आवंटित बजट के मुकाबले 100.73 लाख रुपये अधिक के देयक अपलोड किए जाने की स्थिति सामने आई है, जिसे प्राधिकरण ने गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है।

महाप्रबंधक और लेखाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण इस मामले में परियोजना क्रियान्वयन इकाई छिंदवाड़ा की महाप्रबंधक श्रीमती कविता पटवा और लेखाधिकारी रविशंकर राणा को नोटिस जारी किया गया है।पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भुगतान SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इसके बावजूद इकाई द्वारा बजट सीमा से अधिक देयक तैयार किए जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

आंतरिक वित्तीय नियंत्रण व्यवस्था पर उठे सवाल प्राधिकरण ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इकाई स्तर पर भुगतान अपलोड करने से पहले उपलब्ध बजट के अनुरूप व्यय नियंत्रण की कोई प्रभावी आंतरिक व्यवस्था नहीं दिख रही है। साथ ही किसी स्तर पर भुगतान का पर्याप्त परीक्षण भी नहीं किया गया।

16 मार्च तक मांगा गया जवाब मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) एल.आर. दुबे द्वारा जारी पत्र में अधिकारियों से 16 मार्च 2026 तक विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-16 के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

सभी इकाइयों को दिए निर्देश इस प्रकरण के बाद प्राधिकरण ने राज्य की सभी परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों को निर्देश जारी कर कहा है कि SNA SPARSH के अंतर्गत कटौतियों का नियमित समायोजन किया जाए और आंतरिक बजट नियंत्रण प्रणाली को मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वित्तीय अनियमितताएं न हों।

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