सतपुड़ा एक्सप्रेस सिवनी/छिंदवाड़ा। पेंच टाइगर रिजर्व से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सिवनी जिले के टिकारी ग्राम निवासी कमल उइके (43 वर्ष) का शव पेंच नदी के किनारे कोर एरिया (क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट) में क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि वह किसी वन्य प्राणी, संभवतः बाघ, का शिकार हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 5 जनवरी 2026 को शाम लगभग 6:30 बजे मृतक के परिजन जमतरा पहुंचे और पेंच टाइगर रिजर्व के स्टाफ को सूचना दी कि कमल उइके 4 जनवरी की शाम से लापता हैं। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि वह अपने ग्राम से होकर बहने वाली पेंच नदी के किनारे स्थित कोर क्षेत्र की ओर चले गए होंगे। परिजनों ने यह भी बताया कि वह कभी-कभी मछली पकड़ने के लिए तिकाड़ी घाट और महादेव घाट की ओर जाया करते थे।
दिनांक 6 जनवरी 2026 की सुबह चांद थाना पुलिस एवं पेंच टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तलाश के दौरान गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बीट छेड़िया, महादेव घाट के पास पेंच नदी के किनारे मृतक के शव के अवशेष मिले, जो बुरी तरह क्षत-विक्षत थे।रजनीश कुमार सिंह(भा.व.से.)उप संचालकपेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी (म.प्र.) ने बताया कि मौके पर मिले साक्ष्यों से अनुमान लगाया गया कि शव को किसी वन्य प्राणी द्वारा खाया गया है।यह क्षेत्र क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट में आता है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। सुबह करीब 9:30 बजे प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति में शव को बरामद कर लिया गया। आवश्यक कानूनी कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम हेतु सिविल अस्पताल चौरई भेजा गया।पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा शासन के नियमानुसार मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है।—














