छिंदवाड़ा में कांग्रेस और भाजपा में टकराव की स्थिति ,भाजपा द्वारा कांग्रेस भवन घेराव के मद्दे नजर पुलिस की जबरदस्त नाकाबंदी ,तमाम बेरिगेटिंग तोड़ते हुए भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे कांग्रेस भवन , पुलिस ने तितर बितर करने के लिए के लिए हल्का बल प्रयोग किया
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा।भारतीय जनता पार्टी द्वारा छिंदवाड़ा में कांग्रेस भवन के घेराव के ऐलान के बाद शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित घेराव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कांग्रेस भवन के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स और रिजर्व बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।मगर भाजपा कार्यकर्ता ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की और कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंच गए।
कांग्रेस द्वारा प्रशासन पर भाजपा कार्यकर्ताओं को नहीं रोकने का आरोप लगाते हुए थाने के सामने धरना दिया गया। वहीं, प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पदाधिकारी भी कांग्रेस भवन में मौजूद हैं और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर दबाव की राजनीति बताया है।
दोनों दलों के आमने-सामने आने की संभावना को देखते हुए टकराव के आसार बनते नजर आ रहे हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस के बल प्रयोग से नाराज कांग्रेस का थाने के सामने धरना प्रदर्शन जारी है।
कांग्रेस का आरोप है कि शांति के टापू छिंदवाड़ा में भाजपा ने घोला राजनीतिक, जहर शुरू की गलत परंपरा* *पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन,लाठीचार्ज किया गया और भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस संरक्षण में लाया गया !
– छिंदवाड़ा की शांति और सौहार्द को राजनीति की आग में झोंककर भाजपा ने आज कलंकित कर दिया और एक गलत परंपरा शुरू करने का काम किया है यह बयान जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता गुंजन शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश के शांत और सौहार्दपूर्ण शहर छिंदवाड़ा की फिजा में अब भाजपा ने राजनैतिक ज़हर घोलने का काम आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया गया । भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के सामने से जाकर पुतला दहन जैसे कदम उठाकर अनावश्यक राजनीतिक तनाव पैदा किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन लाठीचार्ज किया और भाजपा कार्यकर्ताओं को संरक्षण दिया गया ।
श्री शुक्ला ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष लेकिन देश की 75 वर्षों की लोकतांत्रिक परंपरा इस बात की गवाह रही है कि किसी राजनीतिक दल ने दूसरे दल के कार्यालय के सामने जाकर इस प्रकार का उकसावे वाला प्रदर्शन शायद ही कभी किया हो।भाजपा ने आज उस परंपरा को तोड़ते हुए कांग्रेस कार्यालय के समीप शिवाजी चौक पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुतला दहन करने की कोशिश न केवल राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध है, बल्कि शहर के सामाजिक सौहार्द को भी ठेस पहुँचाने वाली है। यह कदम छिंदवाड़ा की उस पहचान के भी विपरीत है, जहाँ राजनीतिक मतभेद कभी व्यक्तिगत कटुता में नहीं बदले।कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों—विशेषकर भोपाल और इंदौर—में भी कांग्रेस कार्यालयों के आसपास विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और आक्रामक गतिविधियों की घटनाएँ सामने आई हैं, जिन्होंने राजनीतिक असहमति को लोकतांत्रिक दायरे में रखने की आवश्यकता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। इस तरह की प्रवृत्ति यदि लगातार बढ़ती है तो यह स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव की राजनीति को बढ़ावा देगी।गुंजन शुक्ला ने आगे कहा कि यह वही छिंदवाड़ा है जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सौहार्द की मिसाल कायम की—जहाँ विकास के मुद्दों पर दलगत सीमाएँ कभी बाधा नहीं बनीं और जनहित सर्वोपरि रहा ।
छिंदवाड़ा की राजनीति हमेशा संवाद, सहयोग और विकास की राजनीति रही है—टकराव, उन्माद और वैमनस्य की नहीं। इसलिए इस प्रकार की कटुतापूर्ण और उकसावे की राजनीति न तो शहर की परंपरा से मेल खाती है और न ही जनता की भावना से।यह शहर नफरत नहीं, विकास और सम्मान की राजनीति में विश्वास रखता है।लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने आज छिंदवाड़ा की शांत परम्परा में कलंक लगाने का काम किया है।














