सतपुड़ा एक्सप्रेस छिन्दवाड़ा// कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिला अस्पताल के भूतल से लेकर तृतीय तल तक पूरे भवन का संपूर्ण निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, आयुष्मान कक्ष, दवा वितरण केंद्र, आयुष्मान कक्ष, एक्स रे, सोनोग्राफी, एम आर आई कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, मनोरोग विभाग, महिला एवं शिशु वार्ड सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर श्री ने अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कुछ स्थानों पर मिली कमियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर इलाज, पर्याप्त दवाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री नारायन ने डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार किया जाए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.अभय कुमार सिन्हा, डिप्टी कलेक्टर श्री राहुल कुमार पटेल, सीएमएचओ डॉ.नरेश गोन्नाड़े, सिविल सर्जन डॉ.सुशील दुबे, आर.एम.ओ डॉ. हर्षवर्धन कुड़ापे व डॉ. उदय पड़ारकर सहित जिला चिकित्सालय के अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ कार्यपालन यंत्री पीआईयू और पी.डब्ल्यू.डी के ई एंड एम के अधिकारी उपस्थित थे।
छिन्दवाड़ा जिला चिकित्सालय व मेडिकल कॉलेज में बेहतर आपसी समन्वय एवं सुविधाओं के विस्तार को लेकर कलेक्टर नारायन ने ली महत्वपूर्ण बैठक
बंद लिफ्ट को लेकर जताई कड़ी नाराजगी, अविलंब सुधरवाने के सख्त निर्देश
*निजी एम्बुलेंस पर नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर रोक के लिए पुलिस गश्त के निर्देश*
छिन्दवाड़ा/03 जनवरी 2026/ जिला अस्पताल के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित, आधुनिक एवं नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने आज छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला चिकित्सालय छिन्दवाड़ा एवं छिन्दवाड़ा इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चिकित्सा विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण सामूहिक समीक्षा बैठक ली।
बैठक में जिला अस्पताल की आधारभूत संरचना, मरीज सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, सफाई व्यवस्था एवं तकनीकी सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों पर बिंदुवार चर्चा की गई। इस दौरान छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.अभय कुमार सिन्हा, डिप्टी कलेक्टर श्री राहुल कुमार पटेल, सीएमएचओ डॉ.नरेश गोन्नाड़े, सिविल सर्जन डॉ.सुशील दुबे, आर.एम.ओ डॉ.हर्षवर्धन कुड़ापे सहित जिला चिकित्सालय के विभिन्न विभागों के चिकित्सा विशेषज्ञ एवं अधिकारी, कार्यपालन यंत्री पीआईयू और पी.डब्ल्यू.डी के ई एंड एम व विद्युत मंडल के अधिकारी उपस्थित थे।*मुख्य सकारात्मक निर्णय एवं चर्चाएँ -* कलेक्टर श्री नारायन ने जिला अस्पताल भवन के अंदर और बाहर कुछ स्थानों पर टूटे टाइल्स, गिरी फॉल्स सीलिंग और ई-1 विंग की चोक पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शीघ्र करवाने के लिए कार्यपालन यंत्री पी.आई.यू को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पीआईयू से अस्पताल भवन की बिल्डिंग के लिए हुए वर्क ऑर्डर और उसमें शामिल कार्यों के संबंध में कॉम्पोनेंट वाइस विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उसमें से अभी तक जो कार्य नहीं किए गए हैं, उनमें हुए विलंब के लिए कड़ी नाराजगी जाहिर की। मरीजों और परिजनों के लिए आवागमन आसान करने के लिए गेट नंबर 02 से नवीन भवन तक सीमेंट रोड निर्माण का कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
एक्स-रे, एम.आर.आई., सोनोग्राफी विभाग एवं मैमोग्राफी मशीन में तकनीकी एवं संचालन संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान पर विचार विमर्श किया गया और शीघ्र टेंडर जारी कर आउट सोर्सिंग के माध्यम से संचालन की व्यवस्था पर निर्देश दिए। कलेक्टर श्री नारायन के निर्देश पर अस्पताल परिसर में आम नागरिकों एवं मरीजों के परिजनों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक शौचालय निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम को निर्देशित किया गया। जिला अस्पताल के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए पुरानी बिल्डिंग को डिस्मेंटल कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश पी.आई.यू को दिए।
*बंद लिफ्ट तत्काल कराएं चालू -* कलेक्टर श्री नारायन ने जिला अस्पताल की चारों लिफ्ट की खराबी को लेकर समय-समय पर संज्ञान में आई जानकारी को लेकर ई एंड एम के अधिकारी पर कड़ी नाराजगी जताई। एसडीओ ई एंड एम के अनुपस्थित रहने पर भी सख्त रुख़ दिखाते हुए फोन पर कल तक एजेंसी से लिफ्ट सुधारने की सख्त हिदायत दी अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी।
*अस्पताल में 24 घंटे रहे बिजली की उपलब्धता -* कलेक्टर श्री नारायन ने विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वर्ष में दो बार निर्धारित मेंटेनेंस अवधि के अलावा जिला अस्पताल में विद्युत की समस्या नहीं होनी चाहिए। यहां बिजली की 24 घंटे सप्लाई सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मेंटेनेंस अवधि के लिए जनरेटर के माध्यम से बिजली बैकअप की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। *
*फायर फाइटिंग सिस्टम की मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता-* कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देशित किया कि छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के नवीन भवन में लगे हुए फायर फाइटिंग सिस्टम की मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जाए। शासन से आवश्यक बजट प्राप्त होने तक वैकल्पिक व्यवस्था बनाएं। फायर और हाइजीन को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।*निजी एम्बुलेंस पर नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर रोक के लिए पुलिस गश्त के निर्देश -* कलेक्टर श्री नारायन ने जिला अस्पताल परिसर एवं उसके आस पास निजी एम्बुलेंस पर नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर रोक एवं कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक के माध्यम से थाना प्रभारी को निर्देशित करते हुए रेगुलर पुलिस गश्त के लिए आश्वत किया।
*बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त -* बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से जुड़े भुगतान संबंधी ऑडिट आपत्ति पर चर्चा हुई और इसका न्यायसंगत एवं नियमसम्मत समाधान निकालने हेतु वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन लेने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर श्री नारायन ने स्पष्ट किया कि एजेंसी को स्पष्ट रूप से निर्देशित करें, कि बायोमेडिकल वेस्ट के प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एजेंसी के प्रतिनिधि को कल चर्चा के लिए कलेक्टर के समक्ष उपस्थित करने के लिए निर्देशित किया है।
*अन्य बिंदुओं पर चर्चा -* बैठक में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का अनुबंध बढ़ाने एवं अस्पताल परिसर को और अधिक सुरक्षित बनाने पर सहमति दी गई। सीएसआर मद से रोटी मेकर मशीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया, जिससे मरीजों को बेहतर भोजन सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए राशि जमा करने के डेढ़ माह बाद भी हैंडपंप न खुदवाने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर कड़ी नाराजगी जताई और एक सप्ताह के अंदर कार्य कराने के सख्त निर्देश दिए।















