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पांढुर्णा कलेक्टर ने डॉ जितेश गोन्नाडे के ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र मामले में छिंदवाड़ा कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट

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जांच के दौरान पूर्व सीएचएमओ के पुत्र चिकित्सा अधिकारी दे चुके है इस्तीफा, संपत्ति विवरण पर उठे सवाल: प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और पटवारी पर भी कार्रवाई प्रस्तावित

सतपुड़ा एक्सप्रेस पांढुर्णा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में पदस्थ रहे चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेश गोन्नाडे के ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जांच के दौरान ही पारिवारिक कारण बताकर शासकीय सेवा से इस्तीफा चर्चाओं में है। और उनके ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की जांच का मामला चर्चा में है। वही इसी बीच मुख्यमंत्री के द्वारा शिकायतों और जांच के चलते पांढुर्णा में पदस्थ रहे पूर्व बीएमओ और कार्यवाही के दौरान छिंदवाड़ा/पांढुर्णा सीएचएमओ पद पर रहते हुए निलंबन की कार्यवाही करवाई थी। इसी बीच कुछ दिनों पहले उन्हें कोर्ट से स्टे मिलने सुर्खिया चर्चाओं में थी।

वही दूसरी ओर इस दौरान पांढुर्णा कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने त्यागपत्र दे चुके पांढुर्णा जिले के सिराठा में पदस्थ रहे डॉ जितेश गोन्नाडे के द्वारा नियुक्ति के दौरान प्रस्तुत किए कथित नियम विपरीत ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की जांच पूरी करके छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण को भेज दी है। ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की जांच के दौरान ही वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिंदवाड़ा डॉ. अर्चना कैथवास ने डॉ जितेश गोन्नाडे के इस्तीफे की पुष्टि की थी, बताए जा रहा है कि डॉ. गोन्नाडे ने संभागायुक्त को त्यागपत्र सौंपा था। सेवा संबंधी प्रक्रिया के तहत करीब 93 हजार रुपये सरकारी कोष में जमा कराए जाने की बात भी सामने आई है।

आय और संपत्ति के विवरण की जांचडॉ. गोन्नाडे के ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र को लेकर मिली शिकायत की जांच में आवेदन में पारिवारिक वार्षिक आय 7 लाख 2 हजार रुपये दर्शाए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, नगरपालिका और राजस्व अभिलेखों में उनके तथा उनके माता-पिता के नाम आवासीय और कृषि संपत्तियां दर्ज मिलीं। जांच रिपोर्ट में पांढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का आवासीय भवन, बम्हणी में आवासीय भूमि और देवखापा में उनकी माता के नाम 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि का उल्लेख है। तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदन और शपथ पत्र में इन संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई थी।

जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि प्रमाण पत्र जारी किए जाने के समय डॉ. गोन्नाडे निर्धारित पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे।प्रमाणपत्र जारी करने वाले जिम्मेदारों पर होगी कार्यवाहीकलेक्टर पांढुर्णा नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए कलेक्टर छिंदवाड़ा हरेंद्र नारायण को भेजा है। प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है।

डॉ. जितेश गोन्नाडे के पिता डॉ. नरेश गोन्नाडे पूर्व में छिंदवाड़ा के सीएमएचओ और पांढुर्णा के बीएमओ रह चुके हैं। हालांकि, डॉ. जितेश गोन्नाडे के इस्तीफे और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की जांच के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस्तीफे का कारण उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियां बताया है। लेकिन डॉक्टर गोन्नाडे द्वारा सेवा में लगने हेतु प्रस्तुत किया गया कथित नियम विपरीत ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने वाले तात्कालिक तहसीलदार और प्रमाणपत्र के आवेदन की जांच करने वाले जिम्मेदार पटवारी की भूमिका की भी इस मामले में महत्वपूर्ण बताई जा रही है जिसका उल्लेख पांढुर्णा कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में बताई जा रही है।

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