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50 साल से बसे परिवारों को अब तक पट्टा नहीं! WCL और बंद रेल लाइन की जमीन पर हक की मांग तेज

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जमीन पर मकान, नगर निकाय को टैक्स, फिर भी भूमि अधिकार से वंचित परिवार; प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने को कोयलाचल रक्षा मंच ने उठाई आवाज

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। दशकों से जमीन पर रह रहे परिवारों को आखिर कब मिलेगा उनके आशियाने का अधिकार? WCL और वर्षों से बंद छोटी रेल लाइन की भूमि पर बसे परिवारों को पट्टा देने की मांग अब उठने लगी है। कोयलाचल रक्षा मंच ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान कर पात्र परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि वे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकें।

मंच के अनुसार, क्षेत्र में अनेक परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से WCL की भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। इन परिवारों द्वारा स्थानीय निकाय को मकान का टैक्स भी दिया जा रहा है, लेकिन भूमि का वैध अधिकार नहीं होने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।मंच ने यह भी बताया कि क्षेत्र की कई खदानें 30 वर्ष से अधिक समय से बंद हैं। वहीं, छोटी रेल लाइन भी लगभग 30 वर्षों से बंद पड़ी है और उसके आसपास बस्तियां विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को भूमि का अधिकार देने के लिए सर्वे कराकर पात्रता के आधार पर पट्टे प्रदान करने की मांग की गई है।कोयलाचल रक्षा मंच ने शासन से आग्रह किया है कि बंद खदानों और छोटी रेल लाइन के आसपास बसे परिवारों की स्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए। मंच का कहना है कि भूमि अधिकार मिलने से पात्र परिवारों के लिए आवास और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ पाने का रास्ता खुल सकता है।मंच की ओर से संयोजक सिंह, सहसंयोजक नितिन कतिया और संरक्षक हरिश्चंद्र अग्रवाल ने संबंधित विभागों से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

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