सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन अब विभाग द्वारा जप्त की गई रेत को लेकर ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जप्त रेत की कथित चोरी और बिक्री का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने रेत को उठवाकर चांद थाना परिसर में रखवाया था।
इसके बाद आरोप है कि चांद थाने ले जाते समय जप्त रेत से भरे दो डंपरों की रेत रास्ते में ही चोरी-छिपे बेच दी गई। इनमें से एक डंपर की रेत चांद में टीवीएस शोरूम के सामने उतारे जाने की बात सामने आ रही है, जबकि दूसरे डंपर की रेत एक कर्मचारी द्वारा छिंदवाड़ा स्थित किसी घर में लाकर खाली करवाने का आरोप लगाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी कार्यवाही के दौरान जिला खनिज अधिकारी अमित मिश्रा मौजूद थे। ऐसी जानकारी सामने आ रही है।
खनिज निरीक्षक के ड्राइवर पर भी उठे सवाल चांद में कथित रूप से बेची गई रेत के मामले में खनिज निरीक्षक के ड्राइवर का नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि पूर्व में भी उक्त व्यक्ति पर रेत माफिया तक विभागीय कार्रवाई से संबंधित लोकेशन की जानकारी पहुंचाने के आरोप लग चुके हैं।वहीं, दूसरे मामले में विभाग से जुड़े एक डेली-बैजेस कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विभागीय कर्मचारी द्वारा जप्त रेत की बिक्री ने खड़े किए गंभीर सवाल यदि जप्त की गई रेत को ही विभाग से जुड़े लोगों द्वारा बेचे जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर जप्त रेत की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी और उसे चांद थाने तक पहुंचाने के दौरान दो डंपरों से रेत कैसे गायब हुई, यह जांच का विषय है।अब देखना होगा कि खनिज विभाग पूरे मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट करता है या नहीं। मामले में संबंधित अधिकारियों और आरोपित कर्मचारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। इस संबंध जिला खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने फोन रिसीव नहीं किया इसलिए कर्मचारियों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं है।















