Home CRIME छिंदवाड़ा में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई एवं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में टकराव

छिंदवाड़ा में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई एवं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में टकराव

WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp ग्रुप जॉइन करें

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। शहर के पी जी कॉलेज में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई एवं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में टकराव हो गया प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली, लाइब्रेरी की स्थापना एवं अतिथि व्याख्याता के रिक्त पदों को भरे जाने सहित छात्रों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे बीच बचाव में चार पुलिसकर्मी घायल होने की जानकारी है।

छिंदवाड़ा में कॉलेज घेराव के दौरान कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI और भाजपा समर्थित ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच भारी खींचतान शुरू हो गई। इस धक्का-मुक्की और झूमाझटकी के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के साथ भी तीखी बहस और भिड़ंत देखने को मिली।प्रदर्शन के दौरान उग्र हुई भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी चार महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों छात्र गुटों के आमने-सामने आने से कैंपस और आसपास का इलाका अचानक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। छात्र संगठनों के इस उग्र विरोध और नारेबाजी से स्थिति काफी देर तक अनियंत्रित बनी रही। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए उपद्रवियों पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रशासन फिलहाल पूरे मामले की जांच कर शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास में जुटा है।

शिक्षा में फैली अव्यवस्था के खिलाफ जमकर गरजे कांग्रेस के छात्र नेता-शासन व प्रशासन ने खूब लगाई ताकत पर नहीं डिगे एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता -कॉलेज का घेराव कर सुधार के लिए की त्वरित अपेक्षा, जायज मांगों से प्रबंधन को कराया अवगतछिन्दवाड़ा:- कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने शिक्षा में फैली अव्यवस्थाओं और विश्वविद्यालयों में जारी तानाशाही के खिलाफ हुंकार भरी। छात्र नेताओं ने एकजुटता के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पीजी कॉलेज का घेराव किया। कॉलेज की ओर बढ़ते एनएसयूआई के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को पुलिस व प्रशासन ने पूरी ताकत के साथ रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नेता नहीं डिगे। उन्होंने पूरी ताकत के साथ हल्ला बोल प्रदर्शन कर कॉलेजों में जारी भर्राशाई का खुलकर विरोध किया।

छात्रहित में जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के छात्र नेताओं पर भाजपा से पोषित एबीवीपी के लोगों ने हमला भी किया, लेकिन उनका यह अनैतिक प्रयास विफल रहा। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में एकजुट हुए छात्र नेताओं ने हल्ला बोल प्रदर्शन व पीजी कॉलेज घेराव के दौरान कहा कि माननीय कमलनाथ जी एवं माननीय नकुलनाथ जी के कार्यकाल में महाविद्यालय कभी राजनीति का केन्द्र नहीं बनें। लेकिन भाजपा की सरकार से पोषित एबीवीपी का जिले के कॉलेजों में अवैधानिक रूप से कब्जा है।

कई बाहरी लोग सरकारी सुविधाएं लेकर कॉलेजों में राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स और छात्र नेताओं पर किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य किसी को क्षति पहुंचाना नहीं था, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन तक मांगें पहुंचाना था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की आड़ लेकर एबीवीपी ने जो हमला किया वह अनैतिक है, जिसकी एनएसयूआई कड़ी निंदा करती है।

एनएसयूआई ने हल्ला बोल प्रदर्शन कर प्रबंधन से मांग की कि छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ही होने चाहिए। महाविद्यालयों में एबीवीपी का अवैध कब्जा है जिसे तत्काल हटाया जाए। रिक्त प्रोफेसर व अतिथि शिक्षक के पद तत्काल भरे जाएं। परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो और रिजल्ट की त्रुटियों का शीघ्र समाधान किया जाए। एटीकेटी व बैकलॉग एवं परीक्षा फॉर्म की समस्याओं के लिए सरल एवं त्वरित समाधान किया जाए। छात्रवृत्ति समय पर मिले और पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का निराकरण हो। नई पाठ्यपुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षा की किताबें और पर्याप्त अध्ययन सीटें उपलब्ध कराई जाए। पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खेल मैदान एवं खेल सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा के लिए CCTV एवं प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, आदिवासी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए विशेष सहायता केंद्र, परीक्षा, परिणाम, माइग्रेशन और डिग्री संबंधी कार्यों का समयबद्ध निराकरण हो।

परीक्षा केंद्र एवं समय-सारणी समय से पहले घोषित की जाए। डिग्री एवं मार्कशीट वितरण में देरी तत्काल समाप्त की जाए। विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं ऑनलाइन पोर्टल को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए। ग्रामीण एवं आदिवासी विद्यार्थियों के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं।आयोजित विरोध प्रदर्शन में गुरूचरण खरे, सोनू मागो, गोलू पटेल, पप्पू यादव, बबला पटेल व नितिन उपाध्याय सहित एनएसयूआई के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्तागण सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।

  • WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp चैनल जॉइन करें