मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर जाएं, पेड़ों और खुले मैदान से रहें दूर
दामिनी ऐप (DAMINI APP) से अपने क्षेत्र मे बिजली गिरने की संभावना की जानकारी प्राप्त करें
सतपुड़ा एक्सप्रेस, छिंदवाड़ा(रिपोर्ट :आलोक सूर्यवंशी )मानसून के सक्रिय होने के साथ जिले सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। हर वर्ष आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में कार्य करने वाले किसान, मजदूर और खुले स्थानों पर मौजूद लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। ऐसे में मौसम विभाग एवं आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।आकाशीय बिजली एक ऐसी प्राकृतिक घटना है, जिसने हमेशा से इंसानों को हैरान करने के साथ-साथ भयभीत भी किया है। आसमान से हर सेकंड में 50 से 100 बार बिजली धरती पर गिरती है। पूरी दुनिया में हर साल 20,000 से अधिक लोग इसकी चपेट में आते हैं, जिनमें से हज़ारों की मौत हो जाती है।
भारत की बात करें तो यहाँ हर साल बिजली गिरने से 2000 से अधिक लोग अपनी जान गंवाते हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में बिजली गिरने से सबसे अधिक मौतें महाराष्ट्र (विशेषकर मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र) में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी भारत, केरल और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हर साल 80 से अधिक बार तड़ित-वृष्टि (आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश) होती है। आकाशीय बिजली न केवल जानमाल का नुकसान करती है, बल्कि यह जंगलों में आग, बिजली ठप होने और विमानों व कंप्यूटर उपकरणों के खराब होने का भी बड़ा कारण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘दामिनी ऐप’ जैसी चेतावनी प्रणालियाँ भी जारी की गई हैं।नीचे दी गई लिंक से दामिनी ऐप (DAMINI APP) डाऊनलोड कर अपने क्षेत्र मे बिजली गिरने की संभावना की जानकारी प्राप्त करे
आकाशीय बिजली से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत गाइडलाइन नीचे दी गई है:
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.lightening.app.damini
आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’
क्या करें (सुरक्षित उपाय):
सुरक्षित स्थान पर जाएं: यदि आप बाहर हैं, तो तुरंत किसी पक्की इमारत में शरण लें। यदि आसपास कोई इमारत न हो, तो गुफा, खाई या घाटी में चले जाएं। याद रखें, ऊंचे पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं, इसलिए पेड़ों के नीचे कभी खड़े न हों।
दूरी का अनुमान लगाएं: बिजली की चमक और गड़गड़ाहट के बीच के सेकंड को गिनकर उसे 3 से विभाजित करें। इससे आप जान सकते हैं कि बिजली आपसे कितने किलोमीटर दूर गिरी है।
घर के भीतर रहें: बिजली कड़कने के दौरान बहुत ज़रूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
वाहनों का सही उपयोग: मजबूत छत वाली कार, बस, एसयूवी या ट्रैक्टर (बंद खिड़कियों के साथ) सुरक्षित हैं। वाहन के अंदर किसी भी धातु की सतह को न छुएं।
अंतिम उपाय (खुले में होने पर):
किसी ओवरपास या पुल के नीचे शरण लें (पानी और स्टील गर्डर से दूर रहें)।
हाई टेंशन वायर: आप बड़े बिजली के तारों के नीचे खड़े हो सकते हैं क्योंकि वे करंट को जमीन में भेजने के लिए डिज़ाइन होते हैं, लेकिन उनके धातु के टावरों से कम से कम 50 फीट दूर रहें।
शारीरिक संकेत पहचानें: यदि आपको त्वचा में सिहरन महसूस हो या सिर के बाल खड़े (विद्युत आवेश के कारण) होने लगें, तो समझें बिजली आप पर गिर सकती है; तुरंत जमीन पर लेट जाएं या दुबक कर बैठ जाएं।
क्या न करें (खतरनाक आदतें):
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहें: तूफान के दौरान हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक टूथब्रश या रेजर जैसे प्लग वाले उपकरणों का उपयोग न करें।
लैंडलाइन फोन का प्रयोग वर्जित: बाहर की टेलीफोन लाइनों पर बिजली गिरने से करंट घर के अंदर आ सकता है। मोबाइल का उपयोग सुरक्षित है बशर्ते आप घर के अंदर हों।
धातु की चीजों से दूरी: घर के बाहर धातु की वस्तुओं का प्रयोग न करें। घर के अंदर भी रेडिएटर, स्टोव, धातु के पाइप और सिंक से दूर रहें।
पानी से तुरंत बाहर निकलें: यदि आप तैर रहे हैं या छोटी नाव पर हैं, तो तुरंत पानी से बाहर आ जाएं।
कमजोर छत वाले वाहन: कनवर्टिबल कार, बाइक, खुले या कमजोर छत वाले वाहन सुरक्षित नहीं हैं।
किसानों के लिए विशेष सलाह
खेत में काम करते समय यदि बादलों की तेज गर्जना सुनाई दे या बिजली चमकती दिखाई दे तो तुरंत कार्य बंद कर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। बारिश रुकने और मौसम सामान्य होने के बाद ही खेतों में लौटें। कुछ मिनटों की सावधानी जीवनभर की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
क्या करें
- तेज गर्जना या बिजली चमकते ही किसी पक्के भवन में शरण लें।
- भवन उपलब्ध न होने पर बंद कार, बस या अन्य धातु वाले वाहन में रहें।
- खेत, खुले मैदान, पानी और ऊंचे स्थानों से तुरंत दूर हट जाएं।
- मौसम सामान्य होने तक घर के अंदर ही रहें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों और ‘दामिनी’ ऐप पर जारी अलर्ट का पालन करें।
क्या न करें
- पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने का प्रयास न करें।
- बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं को न छुएं।
- बारिश के दौरान नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में न रहें।
- बाइक, साइकिल या खुले वाहन में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली कड़कने के दौरान लैंडलाइन फोन एवं बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग न करें।
सतपुड़ा एक्सप्रेस की अपील: “बारिश से आपकी जान को खतरा नहीं है, लेकिन आसमानी बिजली आपकी जान ले सकती है!” जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और मौसम की चेतावनी को हल्के में न लें।मानसून के दौरान बादलों की तेज गर्जना, चमक और आंधी-बारिश दिखाई देते ही लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। पक्के भवन या चारों ओर से बंद धातु वाले वाहन सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। इसके विपरीत खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, तालाब, नदी तथा ऊंचे और अलग-थलग खड़े पेड़ों के नीचे रुकना जानलेवा साबित हो सकता है।आकाशीय बिजली को सामान्य घटना समझने की भूल न करें। मौसम खराब होने पर सतर्क रहें, सुरक्षित स्थान पर जाएं तथा अपने परिवार, बच्चों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। आपकी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है















