Home AGRICULTURE जिले के गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों से हो रही खुली लूट

जिले के गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों से हो रही खुली लूट

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किसान कल्याण वर्ष नहीं यह किसान शोषण वर्ष है-कांग्रेस

गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर 50 किलो 700 ग्राम तक हो रही गेहॅू तुलाई प्रति बोरी

-प्रति क्विंटल तौल पर किसानों से एक किलो गेहूं अधिक लिया जा रहा है

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा :- गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर फैली अनियमित्ता और किसानों के साथ हो रही खुली लूट की लगातार मिल रही शिकायतों को गम्भीरता पूर्वक लेते हुए मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं माननीय नकुलनाथ के निर्देश उपरांत कांग्रेस के जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने विभिन्न उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में गम्भीर अनियमितता सामने आई है। भाजपा के लोग गांव-गांव स्वागत करवा रहे, उपार्जन स्थलों पर झूठी वाहवाही लूटने के लिए खड़े हैं, लेकिन किसानों की मूल समस्याओं पर चुप है। देश और समाज के हर वर्ग का पेट भरने वाला किसान आज भूखे पेट अपनी उपज को उचित मूल्य पर बेचने के लिए खरीदी केन्द्रों पर पहुंच रहा तो उससे खुली लूट हो रही और जिले के जिम्मेदार सिर्फ श्रेय लेने के लिए आतुर बैठे हैं।

अन्नदाता परेशान है जिसकी फिक्र करने की बजाए स्वयं के सम्मान में तालिया पीटने वाले भी चुप है। जिला कांग्रेस व किसान कांग्रेस के संयुक्त तत्वाधान में गेहूं उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। मुख्य रूप से कुसमेली मण्डी के सहकारी समिति क्षेत्र छिंदवाड़ा, विपणन समिति छिंदवाड़ा, कपरवाड़ी की सेवा सहकारी मेघासिवनी, झुर्रे, पलटवाड़ा, कपरवाड़ी, नेर जमुनिया के सेवा सहकारी समिति सारना, चन्हियाकला, बनगांव, नेर, सिंगोड़ी के बड़ेगांव, सिंगोड़ी और हिवरखेड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया जिसमें सामने आया कि केन्द्रों पर कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा गेहूं तुलाई करवाकर देखा तो प्रति बोरी 50 किलों 700 ग्राम तक तुलाई कांटे में वजन निकला। जबकि प्लास्टिक की बोरी का वजन नहीं होता, और प्रति बोरी 50 किलो 135 ग्राम और 200 ग्राम खरीदी करने की बजाय आधा किलो गेहूं प्रति बोरी किसानों से तुलाई अधिक की जा रही। इस प्रकार प्रति क्विं. पर 1 किलो अधिक तुलाई हो रही है, कई केन्द्रों पर नोडल अधिकारी भी नदारत पाये गये, जिन्हें किसान ढूंढते दिखाई दिए।

कई किसानों ने प्रतिनिधि मंडल से शिकायत की, कि उनके खेतों में गेहूं लगा था जिसका पंजीयन भी हो गया पर उनके रकबे को कम कर दिया गया है, इसी प्रकार बड़े रकबे के किसानों की फसल भी खेतों में दिखाई नहीं दे रही है।कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे व किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों से खुली लूट मची है, 50 किलो 200 ग्राम की बजाए 50 किलो 700 ग्राम तक प्रति बोरी तुलाई हो रही। किसान स्लॉट बुकिंग व सत्यापन के लिये भटक रहे। केन्द्रों पर पर्याप्त छाया और पानी की व्यवस्था भी नहीं है।

यह किसान कल्याण वर्ष 2026 किसान शोषण वर्ष बन गया है, किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। केवल केन्द्रों में स्वागत सत्कार तक भाजपा सरकार सीमित हैं।जिले में कुल 2 लाख 15 हजार किसानों में से मात्र 29 हजार किसानों का पंजीयन यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं है। जिले में लगभग 1 लाख 85 हजार किसानों का पंजीयन ही नहीं किया गया और लाखों किसान गेहूं उपार्जन विक्रय से वंचित हो गये। इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिये। भाजपा सरकार गेहूं उपार्जन और किसानों के मामलों में पूरी तरह असफल रही है, नरवाई जलाने के नाम पर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, कांग्रेस ने किसान हित में सख्त तेवर अपनाते हुये चेतावनी दी है कि गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर अव्यवस्था में तुरंत सुधार किया जाये और नरवाई जलाने पर किसानों को प्रताड़ित करना बंद किया जाये। कांग्रेस ने मांग की है कि सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी और इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

उपार्जन केन्द्रों पर निरीक्षण करने शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो, धीरनशाह इनवाती, जीवन सिंह रघुवंशी, अध्यक्ष अर्जुन वानखेडे, यश कराड़े, घनश्याम पटेल, दीपक चौधरी, महेश धुर्वे, शिव कुमार सिसराम, आशीष जैन, सुनील चौधरी, रवीलसिंह टेखरे, नरेन्द्र पटेल, ओमकशंकर बुनकर, विनोद सिंगारे, दामा पटेल, दिनेश साहू, हेमराज बेलवंशी, सुनील पांडे, संतोष पटेल उपस्थित रहे।

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