किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा सिंचाई,
स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति,
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति,
छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति,
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति,
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति,
प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति,
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति,
छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति,
“मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम” के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति
सतपुड़ा एक्सप्रेस भोपाल।मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है।
भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा-मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘ मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ‘ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, श्री राकेश सिंह और श्री चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा।
इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति-मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।
छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे।
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति– मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में जाता है, उसे निःशुल्क साइकिल वितरण योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है।
प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद् द्वारा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नयन और मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए 5 हजार 479 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।स्वीकृति अनुसार मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना (CM CARE 2025) योजना के 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 628 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए है। योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रूप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण अंतर्गत ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन), कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना आदि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी भागीदारों की विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पूंजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयो में उन्नयन के लिए 1 हजार 503 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए। स्वीकृति अनुसार इस योजना से चिकित्सा महाविद्यालयों में अगले 5 वर्षों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।
मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापना के निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 249 करोड़ 63 लाख रूपये के स्थान पर 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्थल परिवर्तन के कारण तकनीकी कारणों से लागत में वृद्धि के कारण पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मण्डला में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से आसपास के क्षेत्र की जनता को तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सुलभता से प्राप्त होंगी।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के चुने हुए चिकित्सा महाविद्यालयों के परिसर में परोपकारी संस्थाओं के माध्यम से परिजन आवास स्थापित करने के लिए मंजूरी दी है। संस्थाएं ऐसे परिजन विश्राम गृह की स्थापना अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी,जिसके लिए सरकार कोई कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। संस्था द्वारा सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क का निर्धारण शासन द्वारा गठित समिति द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था से मरीज के परिजनों को बेहतर व्यवस्था कम दरों पर मिलेंगी और मानसिक रूप से वे बेहतर स्थिति में होंगे, जिसका सीधा-सीधा लाभ अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ेगा और व्यवस्था सुचारु होगी।
चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित अस्पतालों में दूर-दूर से मरीज आते हैं। इनके साथ परिजन भी आते हैं। इनमें से कई परिजन अस्पताल परिसर से बाहर ठहरने की व्यवस्था के व्यय भार को उठाने में सक्षम नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर में हो सो जाते हैं। इससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, साथ ही परिजनों को भी ठहरने को आरामदायक स्थान नहीं मिल पाता है। इसका अप्रत्यक्ष असर अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था तथा मरीज और अस्पताल स्टॉफ के मध्य संव्यवहार पर भी पड़ता है, जिससे अस्पतालों के कार्य प्रभावित होते हैं।छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति- मंत्रि-परिषद् द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए कार्यकाल अवधि के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। राज्य शासन द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति– मंत्रि-परिषद् द्वारा “मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय चरण को तीन वर्ष के संचालन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिये अधिकृत किया गया है।
सांसद बंटी विवेक साहू के प्रयासों से छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स के लिए मिला विशेष पुनर्वास पैकेज,
सांसद ने भोपाल में मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री से मुलाकात करते हुए किसानों एवं डूब प्रभावित गांवों के लिए मांगा था स्पेशल पैकेज,।
सांसद बंटी विवेक साहू के लगातार संघर्ष एवं प्रयासों से छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुर्नवास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुर्नवास पैकेज की स्वीकृति भोपाल में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में मिल गई है। बुधवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुर्नवास के लिए स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ का विशेष पुर्नवास पैकेज स्वीकृत कर दिया गया है। सांसद के प्रयासों से विशेष पैकेज में 128.2 करोड़ की बढ़ोत्तरी की गई है। इस विशेष पैकेज के तहत त्वरित क्रियान्वयन एवं विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन – बेतवा अंतर्राष्ट्रीय नदी जोड़ों परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना को लेकर भोपाल प्रवास के दौरान सांसद बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात करते हुए छिन्दवाडा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति के लिये स्पेशल पैकेज की मांग एवं मोहगांव जलाशय के अंतर्गत किसानों को हो रही परेशानियों एवं उनकी मांगों को लेकर चर्चा की थी। जिसके तहत मंत्रीपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे।छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के 678 ग्राम होंगे लाभान्वित सांसद बंटी विवेक साहू के प्रयासों से इस परियोजना से छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के 678 ग्राम लाभान्वित होंगे। जिसमें से पांढुर्णा जिले की पांढुर्णा तहसील के 129 ग्राम, पांढुर्णा जिले की सौंसर तहसील के 124 ग्राम, छिन्दवाड़ा जिले की मोहखेड़ तहसील के 132 ग्राम, बिछुआ तहसील के 76 ग्राम, छिन्दवाड़ा तहसील के 7 ग्राम, जुन्नारदेव तहसील के 126 ग्राम, चांद तहसील के 34, और उमरेठ तहसील के 50 ग्राम इस परियोजना से सिंचाई के अतिरिक्त समीपवर्ती क्षेत्रों के पीने के पानी की समस्या हेतु पेयजल, औद्योगिक उपयोग एवं विद्युत उत्पादन हेतु जल सुरक्षित रखने का प्रावधान है।इन गांवों के निवासियों को मिलेगा लाभ सांसद बंटी विवेक साहू के प्रयासों से इस परियोजना के तहत तहसील जुन्नारदेव के भावईकलां, भावईखुर्द, बिरजपुरा, दमुआ, हिरदागढ़ छिनढाना, करहैया, करमोहिनी बंधी, खापासुरजु, मांडई, नंदौरा, महेंदावीर, रामनगरी एवं सेमरकुही, तहसील मोहखेड़ के कोहटमाल, पीपलगांव, बोरगांव, कोहटरैय्यत, तिकाड़ी, बीजागोरा, भवारी रैय्यत, संगम, दीप, रहप, धगडियामाल, मेहलारी बाकुल एवं पर्वत घोघरी, तहसील पांढुर्णा के भूली, खड़की, धावड़ीखापा, खेड़ीधानभोयर, मोराडोंगरी, भुयारी एवं नीलकंठ, तहसील सौंसर के हरनबेडी, बरगाबोडी, पलासपानी, गाजनडोह के निवासियों को लाभ मिल सकेगा।सांसद ने मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री से की थी मुलाकातसांसद बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया था कि उनके संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के अंतर्गत बहुउद्देशीय परियोजना छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की स्वीकृति प्राप्त है। इस योजना की जल भराव क्षमता 651.33 मि.घ.मी. है, जिससे छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, मोहखेड़, बिछुआ, चौरई, उमरेठ, सौंसर एवं पांढुर्णा विकासखण्डों की 190500 हेक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है। उक्त कार्य में प्रभावित हो रहे ग्रामीणों द्वारा स्पेशल भुअर्जन एवं पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन पैकेज की मांग की गई।
सांसद श्री साहू ने मुख्यमंत्री व जल संसाधन मंत्री को बताया था कि छिन्दवाड़ा जिले के जुन्नारदेव एवं मोहखेड़ तहसील के प्रभावित ग्रामों की अधिकांश जनसंख्या जनजातीय समुदाय से है जिस कारण गैर जनजातीय खरीदी ब्रिकी निशेध है। अधिकांश प्रभावित कृषकों पर एक हेक्टेयर से कम का रकबा है जिसके बाजार मुल्यों में पिछले कई वर्षों से नियुत्तम बढ़ोत्तरी हुई है। पांढुर्णा जिले के सौंसर एवं पांढुर्णा तहसील के डूब क्षेत्र में मुख्यतः कपास(नगदी फसल) एवं संतरे (उधानिकी फसल) की खेती होती है जिस पर स्थानीय कृषकों की आय मुख्यतः निर्भर है। उपरोक्त क्षेत्र डूब से प्रभावित होने के कारण कृषकों द्वारा अधिक मुआवजे की मांग को लेकर अत्यधिक विरोध प्रदर्शन किया गया।
सांसद श्री साहू के द्वारा मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री को बताया था कि इस योजना में उक्त बाधाएं आ रही है, जिसे शासन स्तर पर हल किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत परियोजना में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रस्तावित है जिसके लिए स्पेशल पैकेज की स्वीकृति शासन स्तर से लंबित है। परियोजना से वन भूमि प्रभावित हो रही है जिसके लिए छिंदवाडा एवं पांढुर्णा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी गैर वन भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। वन विभाग छिन्दवाडा की भूमि के बदले अन्य जिलों की भूमि को वनों के लिये आवंटित किया जाना प्रस्तावित है।
सांसद बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री को बताया कि इस योजना में कुछ बाधाएं आ रही है, जिसे शासन स्तर पर हल किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत परियोजना में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रस्तावित है जिसके लिए स्पेशल पैकेज की स्वीकृति शासन स्तर से लंबित है। परियोजना से वन भूमि प्रभावित हो रही है जिसके लिए छिंदवाडा एवं पांढुर्णा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी गैर वन भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। वन विभाग छिन्दवाडा की भूमि के बदले अन्य जिलों की भूमि को वनों के लिये आवंटित किया जाना प्रस्तावित है।
सांसद श्री साहू ने मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री से मांग की है कि इस बहुउद्देशीय योजना के लिए विशेष भू-अर्जन एवं पुनर्वास अनुदान पैकेज की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन से प्रदान करने तथा अन्य जिलों से गैर वनभूमि उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश के अन्य जिलों के जिलाध्यक्षों को निर्देशित करने का कष्ट करें जिससे की उक्त भूमि प्राप्त होने पर वन प्रकरण की स्वीकृति हो सके।















