सतपुड़ा एक्सप्रेस छिन्दवाड़ा// कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह सहित जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश- समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री नारायन ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की विभागवार स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की ग्रेडिंग कमजोर है, उनके नोडल अधिकारी तत्काल कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी को अंतिम ग्रेडिंग जारी होने वाली है, इसलिए सभी विभाग शेष प्रकरणों का शीघ्र और संतोषजनक निराकरण करें। कलेक्टर श्री नारायन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान पर जोर दिया जाए।
छिंदवाड़ा–सिवनी राष्ट्रीय राजमार्ग की समीक्षा – बैठक में छिंदवाड़ा–सिवनी राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। एनएच अधिकारियों ने जानकारी दी कि सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि भविष्य में सड़क की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि आवागमन में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पीएमएफएमई योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी – उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की धीमी प्रगति पर कलेक्टर श्री नारायन ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर भी जिले की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कलेक्टर श्री नारायन ने उप संचालक उद्यानिकी को निर्देशित किया कि बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक प्रकरणों में ऋण वितरण (डिस्बर्समेंट) सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके और स्वरोजगार को बढ़ावा मिले।
एमआरपी से अधिक वसूली पर सख्ती – बैठक में यह भी बताया गया कि लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कुछ दुकानदार एमआरपी से अधिक मूल्य पर सामान बेच रहे हैं। इस पर कलेक्टर श्री नारायन ने सहायक नियंत्रक, नापतौल विभाग को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्कूलों एवं आंगनवाड़ियों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश- कलेक्टर श्री नारायन ने पीएचई विभाग को महिला एवं बाल विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी जल स्रोत या हैंडपंप/नल-जल योजनाएं नॉन-फंक्शनल हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुधार किया जाए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।















