सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की चौरई शाखा पर एक किसान के साथ बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित किसान अर्पित राय, निवासी राय कृषि फार्म, चाँद रोड चौरई, ने इस मामले की शिकायत रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के बैंकिंग लोकपाल, भोपाल से की है।
के सी आर ऋण के नाम पर लिए गए कोरे चेक शिकायत के अनुसार, अर्पित राय की ग्राम घोघरी, तहसील चौरई स्थित लगभग 11.503 हेक्टेयर कृषि भूमि के आधार पर के सी आर (KCR) ऋण स्वीकृत किया जाना था। इसके लिए उन्होंने SBI चौरई शाखा के ऑन-रोल कर्मचारी गोविंद बंदेवार से संपर्क किया, जिसने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पंकज शर्मा और फील्ड ऑफिसर सुकनंदन डेहरिया से संपर्क कराने की बात कही। इन तीनों ने मिलकर मेरे साथ धोखा किया है।
किसान का आरोप है कि ऋण प्रक्रिया के दौरान गोविंद बंदेवार ने ऋण सुरक्षा के नाम पर चार हस्ताक्षरित कोरे चेक (चेक नंबर 912212 से 912215) ले लिए। जिनसे उसके खाते से पैसे ट्रांसफर किए गए।
45 लाख का ऋण, 24 घंटे में खाते से उड़ गए पैसे
दिनांक 29 जनवरी 2025 को किसान के खाते में 45 लाख रुपये ऋण राशि जमा हुई, लेकिन अगले ही दिन से बिना किसान की जानकारी के रकम अन्य खातों में स्थानांतरित होने लगी।30 जनवरी 2025 – 21.50 लाख रुपये रतिराम वर्मा के खाते में17 फरवरी 2025 –7 लाख रुपये अर्पित ट्रेडर्स10 लाख रुपये भूमि ट्रेडर्स5 लाख रुपये जितेंद्र शर्मा इस प्रकार कुल 43.50 लाख रुपये किसान के खाते से निकाल लिए गए।
बैंक अधिकारियों के टालमटोल भरे जवाब जब किसान ने इस पर आपत्ति जताई, तो बैंक अधिकारियों और कर्मचारी गोविंद बंदेवार द्वारा यह कहकर मामला टाल दिया गया कि जिन खातों में राशि भेजी गई थी वे “खराब खाते” थे और जल्द ही पैसा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन कई महीनों तक लगातार संपर्क के बावजूद राशि वापस नहीं की गई।नवंबर 2025 में शाखा प्रबंधक पंकज शर्मा ने ऑडिट का हवाला देकर किसान को दिसंबर में आने को कहा। बाद में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि गोविंद बंदेवार अब बैंक का कर्मचारी नहीं है और चेक उसी को दिए गए थे।
अन्य ग्राहकों से भी धोखाधड़ी की बात सामने आई शिकायत करता से मिली जानकारी के अनुसार, गोविंद बंदेवार पर अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी के आरोप हैं, जिसके चलते उसे नौकरी से हटा दिया गया। वहीं जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ, उन लोगों ने भी किसान को सीधे बैंक से संपर्क करने की बात कही।
गरीब किसान ने बैंकिंग लोकपाल से लगाई गुहार पीड़ित किसान अर्पित राय ने बताया कि वह एक गरीब किसान है और उसकी आजीविका पूरी तरह कृषि पर निर्भर है। इतनी बड़ी राशि निकल जाने से उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।उन्होंने चौरई थाना, एस पी ऑफिस,छिंदवाड़ा कलेक्टर,RBI भोपाल, SBI क्षेत्रीय कार्यालय छिंदवाड़ा सहित बैंकिंग लोकपाल से मांग की है किSBI चौरई शाखा की भूमिका की जांच हो दोषी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए किसान को उसकी पूरी राशि वापस दिलाई जाए। इस मामले में SBI क्षेत्रीय कार्यालय छिंदवाड़ा के सहायक प्रबंधक ने बताया कि भोपाल की टीम द्वारा जांच की जा रही है रिपोर्ट आने पर कुछ बता पाएंगे कि कौन दोषी है।
मामले ने खड़े किए बैंकिंग प्रणाली पर सवाल यह मामला बैंकिंग सिस्टम में किसानों की सुरक्षा, आंतरिक निगरानी और कर्मचारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें बैंकिंग लोकपाल सहित अन्य जांच एजेंसी की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।


















