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छिंदवाड़ा: आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा में लापरवाही उजागर, दो शिक्षक निलंबित, अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस

आयुक्त जनजातीय विभाग
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आकस्मिक निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताएं, बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा (म.प्र.)।जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा, विकासखंड परासिया में की गई आकस्मिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण के बाद विभाग ने दो प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि आश्रम अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।आश्रम में गंदगी और अव्यवस्था, अभिलेख भी अपूर्ण

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 9 जनवरी 2026 को किए गए निरीक्षण में आश्रम परिसर में अत्यधिक गंदगी पाई गई। किचन, बच्चों के निवास कक्ष और अन्य स्थानों पर साफ-सफाई का अभाव था। निरीक्षण के दौरान छात्रावासीय अभिलेख अधूरे पाए गए, वहीं पुस्तकों को बाथरूम में रखे जाने जैसी गंभीर लापरवाही भी सामने आई।

बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर सवाल निरीक्षण के दौरान बच्चों से की गई चर्चा में यह स्पष्ट हुआ कि आश्रम में निवासरत बच्चों का शैक्षणिक स्तर अत्यंत कमजोर है। बच्चों को न तो हिंदी विषय का समुचित ज्ञान है और न ही गणित की बुनियादी समझ। इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षण कार्य में शिक्षकों की रुचि नहीं ली जा रही थी और अधीक्षक द्वारा भी समुचित निगरानी नहीं की जा रही थी।

अधीक्षक को 3 दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश आदिवासी बालक आश्रम अम्बाड़ा के अधीक्षक किशोर भारती को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं आश्रम संचालन के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

दो प्राथमिक शिक्षक निलंबित निरीक्षण के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने शिक्षण कार्य में गंभीर लापरवाही के चलते

1— ऊषा यादव, प्राथमिक शिक्षक

2 / चारूलता ठोम्बरे, प्राथमिक शिक्षक

को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हर्रई नियत किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता रहेगी।

विभाग की सख्त चेतावनी जनजातीय कार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और आश्रम संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में इस तरह की शिकायतें मिलने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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