एक सह आरोपी को महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी मिलने का आरोप
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा/परासिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) से जुड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद अब विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि लोकायुक्त द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद उसे कार्यालय में महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि PHE खंड परासिया के कार्यपालन यंत्री की कथित मेहरबानी से ट्रैप की कार्रवाई में सहआरोपी कर्मचारी अभी भी कार्यालय में सक्रिय है और महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इससे विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
₹14 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया था कर्मचारी गौरतलब है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के क्लर्क को लोकायुक्त टीम ने कथित तौर पर ₹14 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। आरोप है कि बिल पास करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। लोकायुक्त की कार्रवाई खैरी क्षेत्र के पास एक चाय की दुकान पर की गई थी।
कार्रवाई के बाद भी महत्वपूर्ण काम मिलने पर सवाल लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद सामान्य तौर पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की उम्मीद की जाती है। लेकिन आरोप है कि संबंधित सह आरोपी कर्मचारी अभी भी कार्यालय में महत्वपूर्ण कार्यों को देख रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या लोकायुक्त की कार्रवाई के बावजूद विभागीय स्तर पर सह आरोपी कर्मचारी को संरक्षण दिया जा रहा है?विभाग में कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर पारदर्शिता की मांग भी उठने लगी है।
यदि ट्रैप कार्रवाई में पकड़े गए कर्मचारी को महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं, तो इसके पीछे विभागीय स्तर पर क्या आदेश और आधार है, यह भी स्पष्ट होना जरूरी है।फिलहाल पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।














