बालाघाट से 15 नवंबर को शुरू होगी जनयात्रा, 25 नवंबर को भोपाल में होगा प्रथम चरण का समापन
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। समान शिक्षा के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं सुविधाओं में सुधार के लिए आयोजित होने वाली समान शिक्षा जनयात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पूर्व आईएएस अधिकारी समान शेखर के सानिध्य में रविवार को छिंदवाड़ा के इंडियन कॉफी हाउस में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में शिक्षक संगठनों, अधिकारी-कर्मचारी संघों के अध्यक्षों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 19 नवंबर को छिंदवाड़ा पहुंचने वाली समान शिक्षा जनयात्रा की तैयारियों पर चर्चा करना और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना था।

बालाघाट से शुरू होगी जनयात्रा पूर्व आईएएस समान शेखर ने बताया कि समान शिक्षा जनयात्रा का प्रथम चरण 15 नवंबर से बालाघाट से प्रारंभ होगा, जो विभिन्न स्थानों से होते हुए 25 नवंबर को भोपाल में संपन्न होगा। इसके बाद यात्रा का दूसरा चरण 5 दिसंबर से भोपाल से शुरू होकर 13 दिसंबर को दिल्ली में संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रथम चरण के दौरान आम नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े हितधारकों से प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों को एकत्रित कर समान शिक्षा जनसंकल्प तैयार किया जाएगा। इस जनसंकल्प को 25 नवंबर को भोपाल में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रस्तुत किया जाएगा।जनयात्रा के बाद भी जारी रहेगा अभियानसमान शेखर ने बताया कि यह जनयात्रा किसी प्रयास का अंत नहीं, बल्कि व्यापक जनभागीदारी की शुरुआत है। इसका उद्देश्य नागरिकों में सरकारी स्कूलों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि लोग अपने आसपास के सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए काम कर सकें।इसके लिए समान शिक्षा जन समिति द्वारा समान शिक्षा रजिस्टर, प्रेरक प्रशिक्षण, स्वयंसेवक सहायता, स्कूल विकास योजना और नियमित फॉलोअप एवं समीक्षा जैसी व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। उनका कहना था कि जब अधिक से अधिक नागरिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़ेंगे, तो सरकारी स्कूलों की समस्याओं और आवश्यकताओं को लेकर जनआवाज मजबूत होगी। इससे भविष्य में शिक्षा के लिए सार्वजनिक निवेश और बजट बढ़ाने की दिशा में भी प्रयासों को बल मिल सकता है।बैठक में वक्ताओं ने रखे अपने विचार महिला एवं बाल विकास विभाग में परासिया ब्लॉक की परियोजना अधिकारी मोनिका उईके ने बताया कि समान शिक्षा जनयात्रा का उद्देश्य समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता के प्रति जागरूकता पैदा करना, सभी संबंधित पक्षों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और समाज की सहभागिता से शिक्षा के लिए जनयोजना तैयार करना है।
प्राचार्य कमलकांत पाटिल ने कहा कि स्कूलों में काम करते हुए समान शिक्षा जन समिति ने महसूस किया है कि केवल अलग-अलग स्कूलों में प्रयास करना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा का संदेश व्यापक समाज तक पहुंचना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक नागरिक जागरूक होकर इस अभियान का हिस्सा बन सकें।श्रीकांत वैष्णव ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल सरकार और प्रशासन की नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
शिक्षक राजकुमार सूर्यवंशी ने समिति की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि इसके सदस्य और स्वयंसेवक अपने आसपास के सरकारी स्कूलों की पहचान करते हैं। इसके बाद पड़ोसियों, रिश्तेदारों, परिचितों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उन्हें स्कूलों के विकास में सामूहिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है।शिक्षक संघ के अध्यक्ष शशि तिवारी ने बताया कि समान शिक्षा जन समिति की शुरुआत अप्रैल 2025 में की गई थी। इसका उद्देश्य बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास करना है। इस अभियान के तहत महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ दर्जन सरकारी स्कूलों के साथ काम शुरू किया गया है।
मिथलेश इवने ने कहा कि शिक्षा को लेकर चिंता और चर्चा आवश्यक है, लेकिन बातचीत केवल कमियां निकालने और एक-दूसरे पर दोषारोपण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके बजाय शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सकारात्मक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी विकसित करने की जरूरत है।जवाहर शाला छिंदवाड़ा के प्राचार्य दिलीप ढोक ने 19 नवंबर को आयोजित होने वाली समान शिक्षा जनयात्रा एवं पदयात्रा में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की।शासकीय आईटीआई में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर कार्यरत श्रीमती कल्पना सूर्यवंशी ने बताया कि आईटीआई की ओर से प्रतिवर्ष जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर कौशल प्रशिक्षण और आईटीआई के प्रचार-प्रसार से संबंधित जानकारी दी जाती है। विद्यार्थियों को शिक्षा और कौशल के बीच संबंध समझाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा जे.के. इरपाची ने स्कूल और समुदाय स्तर पर मिलकर काम करने, संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्तुत करने तथा राज्य स्तर के विषयों को शासन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार होने तक निरंतर प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।19 नवंबर की जनयात्रा में सहभागिता की अपीलबैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं ने समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए मोनिका उईके, कमलकांत पाटिल, श्रीकांत वैष्णव, मिथलेश इवने, राजकुमार सूर्यवंशी एवं समस्त साथीगण, समान शिक्षा जन समिति ने 19 नवंबर को छिंदवाड़ा पहुंचने वाली जनयात्रा में अधिक से अधिक नागरिकों, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से सहभागिता की अपील की ।















