सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा/सौंसर। सौंसर के पूर्व एसडीओपी एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के.के. वर्मा के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में उसके पिता से जुड़े एक प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी से उसकी पहचान हुई। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर धमकाया।पुलिस दस्तावेज के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को थाना सौंसर में महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
शिकायत में महिला ने बताया कि वर्ष 2017 में उसके पिता से संबंधित मारपीट के एक मामले की जांच तत्कालीन एसडीओपी सौंसर के.के. वर्मा कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी उसके घर आया और उसका मोबाइल नंबर लेकर बातचीत शुरू की।शादी का झांसा देने और धमकाने का आरोपशिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने लगातार फोन पर बातचीत की और बाद में उस पर संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया।
महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई तथा उसके भाई-बहनों को कॉलेज जाते समय रास्ते में रोकने जैसी बातें भी हुईं।महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सौंसर स्थित सरकारी आवास में आरोपी ने पहली बार उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी कई बार कथित तौर पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
सिवनी ट्रांसफर के बाद शादी का भरोसा शिकायत में महिला ने बताया कि के.के. वर्मा का सिवनी ट्रांसफर होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। आरोप है कि वर्मा ने उससे शादी करने और साथ रहने का भरोसा दिलाया। महिला के अनुसार, आरोपी ने नौकरी पूरी करने के बाद शादी करने की बात कही थी।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में दोनों की सगाई हुई थी। हालांकि, वर्ष 2023 में आरोपी के सेवानिवृत्त होने के बाद उसने शादी करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।
SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला पुलिस के दस्तावेज में प्रथम दृष्टया शिकायत के आधार पर आरोपी के.के. वर्मा के खिलाफ धारा 376(2)(n), 376(2)(क)(i), 377, 506 भादवि तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(w)(ii) और 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किए जाने का उल्लेख है। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लिया है।शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आरोपी का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।















