सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले के विकासखंड जुन्नारदेव की माध्यमिक शाला बिचबेहरी में विद्यालय संचालन और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। मामला 18 अगस्त 2026 को आयोजित जनसुनवाई में सामने आया, जहां ग्राम बिचबेहरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माध्यमिक शाला बिचबेहरी में निर्धारित समय से पहले ही छुट्टी कर दी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में दोपहर 3 बजे ही छुट्टी कर दी जाती है। इसके अलावा महिला शिक्षिका के देर शाम तक संस्था में मौजूद रहने को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं।
अतिथि शिक्षकों पर नियंत्रण नहीं रखने का आरोपग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षक स्कूल समय में मोबाइल फोन पर व्यस्त रहते हैं और उन पर संस्था प्रभारी का प्रभावी नियंत्रण नहीं है। शिकायत के बाद विभाग ने इसे विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षण कार्य के प्रति लापरवाही से जुड़ा गंभीर विषय माना है।शिक्षक से मांगा गया स्पष्टीकरणइस मामले में माध्यमिक शिक्षक श्री लोकेन्द्र सिंह लोधी, माध्यमिक शाला बिचबेहरी, विकासखंड जुन्नारदेव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि लगाए गए आरोप कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करते हैं।पत्र में संबंधित शिक्षक के कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी विभाग ने संबंधित शिक्षक से तत्काल अपना स्पष्ट एवं संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में जवाब प्राप्त नहीं होने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल विभागीय कार्रवाई संबंधित शिक्षक के स्पष्टीकरण और उसके परीक्षण के बाद आगे बढ़ेगी। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी।
शराब के नशे में शिक्षकों से गाली-गलौज का आरोप, जांच में शिकायत सही मिली तो भृत्य निलंबित
छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। विकासखंड जुन्नारदेव की माध्यमिक शाला खमराकला में पदस्थ भृत्य तुलसीराम बेलवंशी के खिलाफ की गई शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा 14 अगस्त 2026 को निलंबन आदेश जारी किया गया।
शराब के सेवन और अभद्र व्यवहार की शिकायत,ग्राम खमराकला के ग्रामीणों और शिक्षकों की ओर से 13 जुलाई 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जुन्नारदेव के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तुलसीराम बेलवंशी शराब का सेवन कर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और मध्यान्ह भोजन बनाने वाली सहायिकाओं के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार करते हैं।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि वे निर्धारित समय पर संस्था में उपस्थित नहीं होते तथा शराब के नशे में रसोई कक्ष में सोते रहते हैं।
तीन सदस्यीय जांच समिति ने की जांच,शिकायत प्राप्त होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। जांच समिति ने विद्यालय के शिक्षकों और मध्यान्ह भोजन सहायिका के बयान दर्ज किए और 20 जुलाई 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।विभागीय आदेश के अनुसार, जांच समिति ने शिकायत को सत्य पाया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित भृत्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का उल्लेखविभाग ने आदेश में कहा कि तुलसीराम बेलवंशी का कृत्य कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।
निलंबन के दौरान हर्रई रहेगा मुख्यालय,जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(2) के तहत तुलसीराम बेलवंशी को निलंबित कर दिया गया है।निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, हर्रई निर्धारित किया गया है। आदेश में उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता भी दी गई है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।















