सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। जिले के परासिया क्षेत्र स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास न्यूटनचिखली में भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं की शिकायत के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छात्राओं की शिकायत और विरोध के बाद छात्रावास अधीक्षिका माया माण्डवार को अधीक्षक के पद से मुक्त कर उनकी मूल संस्था में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्राओं ने की भोजन की गुणवत्ता की शिकायतजानकारी के अनुसार छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतें की थीं। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। कई बार पानी वाली सब्जी, अधपकी रोटी और निम्न गुणवत्ता का भोजन मिलने की शिकायत सामने आई।
छात्राओं ने इन अव्यवस्थाओं के विरोध में आंदोलन किया और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के साथ अधीक्षिका को हटाने की मांग की।
जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर सुनी छात्राओं की समस्याएंशिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों की टीम छात्रावास पहुंची। जांच टीम में परासिया तहसीलदार, थाना प्रभारी, क्षेत्र संयोजक जनजातीय कार्य विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।
टीम ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।जांच के दौरान छात्राओं ने भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
जांच के बाद अधीक्षिका पर कार्रवाई शिकायत और जांच के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने छात्रावास अधीक्षिका माया माण्डवार को अधीक्षक के पद से मुक्त कर दिया। आदेश में अधीक्षिका के कार्य को नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने के साथ कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता का उल्लेख किया गया है।उन्हें अधीक्षक पद से मुक्त करते हुए उनकी मूल संस्था प्राथमिक शाला भीमसेनढाना, विकासखंड जुन्नारदेव में कार्य करने के लिए कार्यमुक्त किया गया है।
छात्रावास की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल छात्राओं के आंदोलन और शिकायत के बाद हुई कार्रवाई ने छात्रावासों में मिलने वाले भोजन और व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग द्वारा छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।















