Home CITY NEWS शिक्षक संघ ने लखनादौन पहुंचकर सांसद विवेक बंटी साहू को सौंपा ज्ञापन

शिक्षक संघ ने लखनादौन पहुंचकर सांसद विवेक बंटी साहू को सौंपा ज्ञापन

WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp ग्रुप जॉइन करें

सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा – सेवारत शिक्षकों की पात्रता परीक्षा लिए जाने संबंधी निर्णय को लेकर देश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के सांसद के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम के अंतर्गत आज दिनांक 5 जुलाई 2026 दिन रविवार को मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, राज्य शिक्षक संघ तथा अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में जिले के शिक्षकों ने छिंदवाड़ा पांढुर्णा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विवेक बंटी साहू जी की मैहर पदयात्रा में सिवनी जिले के लखनादौन पहुंचकर उक्ताशय का ज्ञापन सौंपा ।ज्ञापन में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए उक्ताशय की मांग को माननीय प्रधानमंत्री जी तक पहुंचाने का आग्रह किया गया ।

1- राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा दिनांक 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के पैरा 4 एवं पैरा 5 में कार्यरत शिक्षकों को टेट से संरक्षण प्रदान करने का प्रावधान किया गया था, जिससे टेट को प्रतिगामी (रेट्रोस्पेक्टिव) प्रभाव से लागू न किया जाए । किन्तु माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उक्त अधिसूचना के संरक्षणात्मक प्रभाव को स्वीकार न किए जाने के परिणामस्वरूप वर्तमान में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसमें टेट का प्रभाव उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है, जो टेट लागू होने से पूर्व विधिवत नियुक्त हो चुके हैं। यह स्थिति न केवल विधिक अस्पष्टता उत्पन्न कर रही है, बल्कि लाखों कार्यरत शिक्षकों के सेवा अधिकारों एवं सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

2- यह उल्लेखनीय है कि टेट का प्रावधान गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु किया गया था, न कि पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर प्रतिगामी रूप से लागू करने के उद्देश्य से। अतः वर्तमान परिस्थितियों में यह आवश्यक हो गया है कि इस विसंगति का विधायी समाधान किया जाए क्योंकि माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार अब इसमें केवल विधायी संशोधन ही एकमात्र मार्ग है।

3- अतः आपसे करबद्ध व विनम्र अनुरोध है कि देश के लाखों शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा संसद के माध्यम से आरटीई एक्ट, 2009 की धारा 23 (2) में उपयुक्त संशोधन करने की कृपा करें, जिससे-आरटीई एक्ट, 2009 की धारा 23 (2) के अंतर्गत विधिक संशोधन कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के प्रावधान को केवल भावी (प्रोस्पेक्टिव) एवं नई नियुक्तियों पर ही लागू माना जाए, तथा इस कानून के लागू होने (या राज्यों में इसके नियम प्रभावी होने) से पूर्व के नियमों के तहत विधिवत नियुक्त हो चुके सभी कार्यरत शिक्षकों को इस परीक्षा की अनिवार्यता से पूर्णतः व स्पष्ट रूप से मुक्त (एक्सेम्प्ट) किया जा सके।

4- इससे न केवल न्यायिक व्याख्या के कारण उत्पन्न असमंजस दूर होगा, बल्कि देशभर के लाखों शिक्षकों के हितों का संरक्षण एवं उनके सेवा काल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

5- अतः आपसे साग्रह अनुरोध है कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण व संवेदनशील विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आगामी मानसून सत्र में आवश्यक विधायी कार्यवाही करने का कष्ट करें।इस अवसर पर जिले से प्रतिनिधि मंडल में शशि तिवारी, श्रीमती किरण शर्मा, श्री तोरनलाल परतेती, जयराम सिंह वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, शरद राय, वीरेंद्र शर्मा, तरुण प्रभा क्षत्रिय, ब्रोनिका चौधरी, काशीराम डेहरिया, जयभगवान सोनी, रामसिंग बरकडे़े, अशोक तेकाम, संतोष कुमार डेहरिया, श्रीमति कृष्णकांति ठाकुर, श्रीमती लक्ष्मी धुर्वे, रामकुमार डेहरिया, बृजेश प्रजापति, रविन्द्र कुमार डेहरिया, चंद्रभान भादे, सुखदेव उईके, सुभाषचंद्र डोंगरे, संतोष खोशी, राजेश गनुरकर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक साथी उपस्थित रहे ।

  • WhatsApp चैनल लिंक WhatsApp चैनल जॉइन करें