सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। किशोर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से जिले में उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों का विशेष तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। जीवन कौशल उमंग शिक्षा क नोडल अधिकारी राघवेंद्र वसूले द्वारा यह जानकारी देते हुए बताया गया कि यह प्रशिक्षण लोक शिक्षण संचालनालय एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी जे के इर्पाची एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी के समन्वय, मार्गदर्शन एवं निर्देशन में भारतीय ग्रामीण महिला संघ एवं अनुपम एजुकेशन सोसाइटी के सहयोग से आयोजित किया गया ।
शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण 29 जून 2026 से 4 जुलाई 2026 तक खुशी रजवाड़ा लॉन, नरसिंहपुर रोड, छिंदवाड़ा में संपन्न हुआ । प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया है।कार्यक्रम में विशेष रूप से किशोर एवं किशोरियों के समग्र विकास हेतु 10 प्रमुख जीवन कौशलों पर फोकस किया गया है, जिनमें स्व-जागरूकता, समालोचनात्मक चिंतन, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, भावनाओं की समझ, रचनात्मक चिंतन, समानुभूति, समस्या समाधान, पारस्परिक संबंध निर्माण तथा तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इन कौशलों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण विकसित करने के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर के रूप में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा स्वास्थ्य, जीवन कौशल और सकारात्मक व्यवहार के प्रति उन्हें जागरूक बनाएंगे।आयुष्मान भारत कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, तकनीकी सहयोगी संस्था बीजीएमएस तथा अनुपम एजुकेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार, जीवन कौशल, पोषण, स्वच्छता एवं भावनात्मक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर दक्ष बनाना था।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर राघवेंद्र वसूले, सुशील चौरसिया, सुरेखा साहू, कमलेश चौरासे, ओम प्रकाश कुमारिया, मनीषा दुबे, प्रियंका सोलंकी, मानता बघेल, अनुराग विश्वकर्मा एवं नाज़िया खान द्वारा जिलेभर से आए शिक्षकों को विषय-वस्तु की गहराई, गतिविधि आधारित शिक्षण, खेल-खेल में सीखने की तकनीक तथा मनोरंजक प्रशिक्षण पद्धतियों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान समूह गतिविधियां, रोल प्ले, चर्चा सत्र तथा सहभागिता आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जा रही है जिससे प्रतिभागियों में सीखने की प्रभावशीलता बढ़ रही है।
कार्यक्रम में अनुपम एजुकेशन सोसाइटी के डायरेक्टर प्रमोद तिवारी एवं सिटी कोऑर्डिनेटर सुधा तिवारी का विशेष सहयोग रहा, वहीं बीजीएमएस से अविनाश जी प्रणिता शिंग द्वारा प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया।समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी जे.के. इरपाची, बी आर सी अजय केकतपुरे , डी पी डेहरिया जी , मेश्राम जी , डॉ. साबिर फारुखी द्वारा प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आप सभी से अपेक्षा है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को जीवन कौशलों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास, बेहतर करियर निर्माण, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जागरूकता एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगे। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम समाज में निश्चित रूप से दिखाई देंगे।
“प्रशिक्षणार्थियों ने भी संकल्प लेते हुए कहा कि वे अपने-अपने विद्यालयों में उमंग जीवन कौशल कार्यक्रम को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संचालित करेंगे तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।















