सतपुड़ा एक्सप्रेस (छिंदवाड़ा)।ग्राम पंचायत रामाकोना में शासकीय राशि के गबन के गंभीर आरोपों का सामना कर रहीं सरपंच श्वेता गगन गोहेल के खिलाफ जिला पंचायत न्यायालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए धारा 92 के अंतर्गत गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब लगातार नोटिस और चेतावनियों के बावजूद सरपंच द्वारा ₹3,67,55 की रिकवरी राशि जमा नहीं की गई।
ग्राम पंचायत फंड में अनियमितता की पुष्टि प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के उपयोग में अनियमितताएं और गबन की शिकायतें पूर्व में दर्ज की जा चुकी थीं।प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर न्यायालय ने धारा 89 के तहत सरपंच और दो सचिवों पर रिकवरी जमा करने के निर्देश जारी किए थे।दोनों सचिवों ने अपनी-अपनी गबन राशि जमा कर दी थी, लेकिन सरपंच श्वेता गगन गोहेल ने निर्धारित समयसीमा में राशि जमा नहीं की।
न्यायालय ने माना—गबन साबित, प्रक्रिया में टालमटोल समय सीमा बीत जाने और राशि न जमा करने पर मामला जिला पंचायत न्यायालय में पहुँच गया।रिकॉर्ड और जांच प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय ने माना कि—सरपंच द्वारा गबन किया गया है राशि वापसी में टालमटोल की जा रही है न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना हो रही है इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।
पुलिस को मिली गिरफ्तारी की जिम्मेदारी वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस विभाग को सरपंच की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है।
पूर्व उपसरपंच का बयान पूर्व उपसरपंच मुन्ना भाई अब्दुल कलाम ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा—”यह निर्णय पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए एक सख्त चेतावनी है।”
पंचायत व्यवस्था पर उठे सवाल रामाकोना ग्राम पंचायत से जुड़ा यह मामला एक बार फिर स्थानीय निकायों की वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।अब सभी की नज़र आगामी पुलिस कार्रवाई और न्यायालय की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।















