सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा।आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने परासिया में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा करीब 30 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किए जाने के मामले में बड़ा खुलासा किया है। बुधवार को ईओडब्ल्यू ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उपवनमंडलाधिकारी सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया।
फर्जी भुगतान का पूरा मामला जांच में सामने आया कि वन विभाग के अधिकारियों ने कैम्पा फंड के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में फर्जी बिल, फर्जी मजदूरी और गलत भुगतान की साजिश रची।वनपाल के पुत्र सुशील चौबे—जो अवनी कंस्ट्रक्शन के संचालक भी हैं—को मजदूर दिखाकर भुगतान किया गया। यही नहीं, एक ही तारीख को एक ही मजदूर के नाम दो बार भुगतान किया गया।
इन अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस ईओडब्ल्यू ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है—
अनादि बुधोलिया, उप वन मंडलाधिकारी (परासिया)
कीर्ति बाला गुप्ता, परिक्षेत्र अधिकारी (सांवरी)
हीरालाल सनोड़िया, वन परिक्षेत्र अधिकारी (सांवरी)
सुशील चौबे, संचालक, अवनी कन्स्ट्रक्शन
कितनी राशि का हुआ फर्जी भुगतान?
सुशील चौबे को मजदूरी के नाम पर फर्जी भुगतान – 2,71,379 रुपये उनकी फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन को कैम्पा व अन्य मद से — 23,21,199 रुपये कुल फर्जी भुगतान लगभग — 30 लाख रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी उप वनमंडलाधिकारी अनादि बुधोलिया पिछले 19 वर्ष के सेवाकाल में से 17 वर्ष एक ही वनमंडल में पदस्थ रहे, जिससे मिलीभगत के संदेह और मजबूत होते हैं।
ईओडब्ल्यू की आगे की कार्रवाई प्राथमिक जांच के बाद अब ईओडब्ल्यू बैंक खातों, भुगतान प्रविष्टियों और कार्यस्थल निरीक्षण से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।















