सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम छिंदवाड़ा के आयुक्त, जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर सड़क निर्माण ठेका आवंटन में कथित अनियमितताओं पर जवाब तलब किया है। मामला ऐसे ठेकेदार को ₹2 करोड़ 39 लाख का रोड और नाली निर्माण कार्य सौंपने का है, जो अनुभवहीन होने के बावजूद पात्र निविदाकर्ताओं को दरकिनार कर चयनित किया गया।

डिवीजन बेंच—चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ—ने अधिकारियों को 2 दिसंबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ता यूनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से अधिवक्ता विट्ठलराव जुमड़े ने न्यायालय में दलील दी कि नगर निगम क्षेत्र के वार्डों में सीसी रोड, बीटी रोड और नाली निर्माण , पेव शोल्डर ,प्रोटेक्शन वाल के लिए अप्रैल 2025 में निविदा जारी की गई थी। इन टेंडरों में अर्णव इंटरप्राइजेस द्वारा न तो अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया और न ही एम-20 ग्रेड कार्य का कोई रिकॉर्ड लगाया गया। इसके बावजूद निगम द्वारा 17 अक्टूबर को ठेका मंजूर कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया।

याचिकाकर्ता का कहना है कि जुलाई 2025 में आपत्ति दर्ज कराने के बाद भी उसे दरकिनार कर दिया गया। इतना ही नहीं, टेंडर में केवल दो प्रतिभागी थे और दस्तावेज अधूरे होने के बावजूद निविदा को रिकॉल नहीं किया गया, जबिक यह फर्स्ट कॉल था बल्कि कथित सांठगांठ कर अर्णव इंटरप्राइजेस प्रोपराइटर देवेंद्र धनोरिया को ठेका दे दिया गया।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया जानने के लिए नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय और कार्यपालन यंत्री हिमांशु अतुलकर को फोन किया गया, लेकिन दोनों ने कॉल रिसीव नहीं किया।मामले पर हाईकोर्ट अब निगम और प्रशासन से विस्तृत स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा में है।















