अधिकारी बने मूकदर्शक, तस्करों को मिल रहा संरक्षण ?
सतपुड़ा एक्सप्रेस पांढुर्णा । पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लावघोगरी वन क्षेत्र में इन दिनों सागौन तस्करी चरम पर है। आरोप है कि संगठित गिरोह खुलेआम बेशकीमती सागौन के पेड़ों की कटाई कर उन्हें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सीमावर्ती बैतूल जिले तक सप्लाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को तस्करी की पूरी जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नींबूखेड़ा रोड के पास ताजा कटाई सूत्रों के अनुसार लावघोगरी रेंज मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर नींबूखेड़ा और प्रधान गोगरी के बीच, मुख्य मार्ग से लगभग 500 मीटर अंदर सागौन की अवैध कटाई की जा रही है। मौके पर चार सागौन के पेड़ काटकर रखे पाए गए, जबकि एक पेड़ आधा कटा हुआ खड़ा था।

बताया जाता है कि जैसे ही क्षेत्रवासी वहां पहुंचे, तस्कर मौके से फरार हो गए।स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना भी दी, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि जब 60 किलोमीटर दूर तक सबूतों के साथ जानकारी पहुंच सकती है, तो स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी न होना संभव नहीं है।

रेत और सागौन तस्करों के निशाने पर लावघोगरीलावघोगरी क्षेत्र लंबे समय से रेत और लकड़ी माफिया के निशाने पर रहा है। कन्हान नदी से प्रतिबंध के बावजूद ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किए जाने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। नारायण घाट और हीरावाड़ी के आसपास से रेत निकालकर सावरी, मोहखेड़, नांदनवाड़ी और दुनावा क्षेत्र तक पहुंचाई जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सागौन कटाई और रेत तस्करी दोनों ही मामलों में जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से माफिया के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कुछ अधिकारियों के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी लावघोगरी सर्कल के सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी आशीष दास ने कहा कि विभागीय कर्मचारी अधिकारियों के निर्देश पर नियमित गश्त और कार्रवाई करते हैं। यदि सागौन कटाई या रेत तस्करी का मामला सामने आता है तो स्टाफ के माध्यम से उचित कार्रवाई की जाएगी।अब देखना यह होगा कि विभाग इन आरोपों पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और लावघोगरी के जंगलों को अवैध कटाई और तस्करी से बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।















