“खरीदी प्रभारी अनुपस्थित मसूर लाने वाला कोई किसान भी नहीं”
सत्य को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती किंतु किसानों के हो रहे शोषण में जिम्मेदारों का मौन रहना जरूर भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है(रिपोर्ट:आलोक सूर्यवंशी)
सतपुड़ा एक्सप्रेस अमरवाड़ा::क्षेत्र के गेहूँ खरीदी केंद्रों पर इन दिनों अपनी उपज बेचने पहुँच रहे किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक ओर जहाँ भीषण गर्मी और लंबी कतारों के बीच किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रों पर ग्रेडिंग के नाम पर किसानों से अवैध रूप से पैसे लिए जाने ज्यादा वजन तुलाई के मामले सामने आ रहे हैं
क्या है पूरा मामला?
किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों द्वारा तुलावटियों के नाम से गेहूँ की सफाई या छन्ना लगाने के बदले प्रति क्विंटल 10-15 रुपए बोरी के हिसाब से अतिरिक्त रुपयों लिए जा रहे है सेवा सहकारी समिति अमरवाड़ा के गेहूं खरीदी केंद्र जय भारत वेयर हाउस मे किसानों ने बताया की किसान खरीदी केंद्र मे अपनी फसल का ढेर लगा कर दे रहे है किन्तु बिना ग्रेडिंग छन्ना के 10-15 रूपय लिए जा रहे है खरीदी केंद्र में इस बात की पड़ताल की गई तो खरीदी प्रभारी अनुपस्थित पाया गया बिना किसी सक्षम कर्मचारियों के खरीदी की जाना पाया गया फोन पर संपर्क करने पर खरीदी प्रभारी द्वारा ग्रेडिंग का पैसा लिया जाना स्वीकार किया गया अब सवाल यह उठता है की किसान के द्वारा ढेर लगा देने के बाद बिना किसी ग्रेडिंग या छन्ना के सीधा गेहूं को बोरी में भरकर तोला जा रहा है तो फिर बिना ग्रेडिंग के पैसा किस बात का लिया जा रहा है
किसानों की बढ़ती मुश्किलें
केंद्रों पर मौजूद किसानों ने बताया कि पहले से ही उपज का सही दाम स्लाट बूक नहीं होना और बारदाने की कमी जैसी समस्याओं से वे जूझ रहे हैं। ऐसे में छन्ना के नाम पर वसूली की जा रही यह राशि उनके मुनाफे को और कम कर रही है। कई किसानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि वे पैसे देने से मना करते हैं, तो उनकी उपज में खामियाँ निकालकर तौल में देरी की जाती है।साथ ही एक केंद्र मे तुलाई काँटा की सेटिंग कर अधिक उपज लेते हुये किसानो द्वारा हँगामा होने पर लेनदेन कर मामला शांत किया जाना भी चर्चाओं मे है
सेवा सहकारी समिति अमरवाड़ा के मसूर चना खरीदी केंद्र शुभम वेयर हाउस अमरवाड़ा मे बिना खरीदी प्रभारी और बिना किसान की उपस्थिती मे NON FAQ मानक की मसूर की खरीदी होना पाया गया
शुभम वेयर हाउस अमरवाड़ा में सेवा सहकारी समिति अमरवाड़ा का चना मसूर खरीदी केंद्र है जहां पर मौका स्थिति की जांच करने में पाया गया कि खरीदी प्रभारी अनुपस्थित थे मसूर लाने वाला कोई किसान भी नहीं था और वहां बिना कोई सक्षम कर्मचारियों के अमानक गुणवत्ता की मसूर की तूलाई चल रही थी वहां उपस्थित वेयरहाउस सर्वेयर से इस विषय में बात की गई तो उनका कहना पड़ा कि हमारे द्वारा समिति को इस मसूर का अमानक होना बताया गया है किंतु हम वेयरहाउस के अंदर क्वालिटी चेक करते हैं शुभम वेयर हाउस में पता करने पर खरीदी प्रभारी सेवा सहकारी समिति अमरवाड़ा प्रबंधक गोपाल साहू का होना बताया गया साथ ही जय भारत वेयर हाउस के गेहूं खरीदी केंद्र प्रभारी द्वारा प्रबन्धक गोपाल साहू के नियंत्रण मे खरीदी करना बताया गया
यही स्थिति सेवा सहकारी समिति छुई की भी है
ऐसी स्थिति एक खरीदी केंद्र की नहीं है बल्कि यही स्थिति सेवा सहकारी समिति छुई के खरीदी केंद्र मंडी अमरवाड़ा की भी है यहाँ भी खरीदी प्रभारी चंचलेश वर्मा नदारत पाये गए सूत्रो की माने तो पूरी खरीदी कम्प्युटर आपरेटर के भरोसे ही चल रही है प्रभारी अपने रसूक केई चलते ज्यादातर नदारत ही रहते है केन्द्रो में किसानों के द्वारा छन्ना और ग्रेडिंग के नाम पर पैसे लेने की बात बताई है किसानों का कहना है कि तलाई में प्लास्टिक की बोरी में 400-500 ग्राम अधिक और जुट की बोरियों में 800 ग्राम 1 किलो अधिक तुलाई की गई है
जिम्मेदारों की चुप्पी
इस विषय में जब स्थानीय प्रशासन और नागरिक आपूर्ति विभाग के नियमों की बात की जाए, तो खरीदी केंद्रों पर किसानों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना अनिवार्य है सफाई के नाम पर नकद वसूली पूरी तरह से नियम विरुद्ध है लगातार किसानों की आवाज उठाने के बाद भी खरीदी केंद्रो में हो रही अनियमितता और किसानों के शोषण के विरुद्ध यदि प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है तो इससे इस बात का पता चलता है कि बड़ा गोलमाल है















