सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। नगर पालिक निगम आयुक्त सीपी राय ने भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए पंजीकृत कंसल्टेंट्स, आर्किटेक्ट्स और संबंधित फर्मों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। अयुक्त के निर्देश पर भवन अधिकारी हिमांशु अतुलकर ने पत्र जारी कर स्पष्ट संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले पेशेवरों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनके लाइसेंस के निलंबन तक की कार्यवाही शामिल है।
भवन अधिकारी ने बताया कि शहर में कई निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शों के विपरीत किए जा रहे हैं, जिसके कारण ‘प्रशमन’ (कम्पाउंडिंग) जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। नियमानुसार, निर्माण कार्य के विभिन्न चरणों—जैसे प्रारंभ प्रमाणपत्र (Commencement Certificate), प्लिंथ प्रमाणपत्र (Plinth Certificate), सेवा प्रमाणपत्र (Service Certificate) तथा पूर्णता/अधिभोग प्रमाणपत्र (Occupancy Certificate)—को संबंधित आर्किटेक्ट या कंसल्टेंट द्वारा पोर्टल पर समय-समय पर अपलोड किया जाना आवश्यक होता है उक्त कार्य के सुपरविजन की जिम्मेदारी संबंधित कंसल्टेंट/वास्तुविद/पंजीकृत इंजीनियर की होती है किंतु यह पाया गया है कि कई पेशेवर इस जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि अवैध निर्माण एवं को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इसी संदर्भ में निगम प्रशासन ने सभी संबंधित कंसल्टेंट्स और आर्किटेक्ट्स को 7 दिवस का अंतिम अवसर प्रदान किया है, जिसके भीतर उन्हें सभी लंबित प्रकरण हैं जिनमे उनके द्वारा अवैध कॉलोनियों, पूर्व से निर्मित भवनों की गलत तरह से अनुज्ञा हेतु प्रस्तुत प्रकरण एवं वांछित दस्तावेजो के अभाव के प्रकरणों का निराकरण कर आवश्यक कार्यवाही कर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।निर्धारित समयसीमा के पश्चात यदि कोई भी कमी पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों की आईडी एवं पंजीयन को निलंबित कर दिया जाएगा।
इन निर्देशों को शहर के सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास के लिए जारी किया गया है। निगम प्रशासन अब अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सख्ती के साथ कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल निर्माण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि शहर के समग्र विकास को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी।















