***ग्रीष्मकालीन छुट्टी का दिखावा शिक्षक परेशान*
*मानसिक रूप से थका हुआ शिक्षक जून माह में नए सत्र का कैसे करेगा आगाज*
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिंदवाड़ा। एक तरफ तो मध्य प्रदेश सरकार शिक्षकों को पहले दो माह, फिर डेढ़ माह,एक माह की छुट्टी की बात करती हैI दूसरी तरफ शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न कार्य में लगाकर शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करती है । गौरतलब है कि 1 मई से 31 मई तक शिक्षकों की छुट्टी का दिखावा शैक्षणिक कैलेंडर में है पर वास्तविक स्थिति इससे विपरीत है,1 मई से स्कूल में समर कैंप का आयोजन होना है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वितीय अवसर की परीक्षा जिसका लगभग एक माह का शेड्यूल निर्धारित है, होनी है, जिसमें *पर्यवेक्षक,केंद्र अध्यक्ष सहायक केंद्रअध्यक्ष,ऑब्जर्वर थाना प्रभारी,कंट्रोल रूम प्रभारी के रूप में शिक्षकों की तैनाती होगी। और यह परीक्षा प्रचंड गर्मी में पूरे मई तक चलेगी* ।
इतना ही नहीं जनगणना में शिक्षक वर्तमान में मकान गणना के कार्य में संलग्न है । सरकारी आदेश के अनुसार अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षा का आयोजन भी होना है । ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी प्रभार को लेकर शिक्षकों की परेशानी एक ज्वलंत विषय है, जिसमें अक्सर छुट्टियों के दौरान भी काम करने या लंबी अवधि तक स्कूल चलने से जुड़ी चिंताएं शामिल होती हैं। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में भीषण गर्मी के बीच 1मई से 15 जून तक छुट्टियों की मांग तेज हो गई है,क्योंकि शिक्षकों का कहना है कि कम छुट्टियां छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए व्यावहारिक नहीं हैं। शिक्षकों का कहना है कि कागज और सरकारी आदेश में छुट्टियां तो मिल जाती हैं, लेकिन अक्सर इस दौरान भी सरकारी कार्यों (जैसे मूल्यांकन, परीक्षा परिणाम, या अन्य कार्य) के कारण शिक्षक पूरी तरह आराम नहीं कर पाते। ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी परीक्षायें समरकैम्प, नये सत्र की तैयारी जैसे कार्यों के चलते छुट्टियों के औचित्य पर सवाल उठना लाजिमी है । शिक्षक चाहते हैं कार्य और अवकाश में संतुलन हो । ग्रीष्मकालीन में काम ही करना है तो अवकाश बंद हो और अन्य विभागों की तरह उन्हें अर्जित अवकाश या अन्य छुट्टियां की पात्रता हो ।
शिक्षकों का कहना है कि *प्रचंड गर्मी में आयोजित माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा को जून माह में आयोजित हो । ताकि शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ ले सके और मानसिक रूप थकान मुक्त होकर जून से प्रारंभ हो रहे सत्र के लिये तैयार हो सकें । ऐसी विचारधारा शिक्षक संपर्क के प्रथम पंक्ति के राघवेंद्र वसूले , अनिल नेमां, अजय शर्मा, भानु गुमास्ता, संजय ठाकुर, संतोष गोदेवार , शैलेंद्र वैद्य , प्रेम अमरावंशी, राकेश डोहरिया, नंदकुमार डेहरिया, कमलेश चौरासे, प्रहलाद मालवी, राजेश जैन , विनोद डेहरिया ,आदि ने ये मांग की है कि गर्मी को देखते हुए छात्र हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाए l














