पातालकोट की रसोई का स्वाद मेले में सबकी बना पहली पसंद
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिन्दवाड़ा/30 मार्च 2025/ जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के प्रांगण में दो दिवसीय 29 व 30 मार्च को संभाग स्तरीय मिलेट फ़ूड फेस्टिवल सह कृषि मेला का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न कृषि उत्पादों के स्टॉल संभाग के सभी जिलों के द्वारा लगाए गए। जिसमें से छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न मिलेट्स उत्पादों, प्राकृतिक/जैविक उत्पादों, कच्ची घानी तेल तथा पातालकोट की रसोई के द्वारा बनाये गये महुआ के लड्डू, महुआ की पूड़ी, रबड़ी, कुकीज़, बाजरा की खिचड़ी और खीर सहित विभिन्न प्रकार के मिलेट व्यंजनों की धूम पूरे मेले में छाई रही। संभागीय मेले का शुभारम्भ जबलपुर कैट विधायक श्री अशोक रोहणी एवं जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.पी.के. मिश्रा ने किया। मिलेट मेले में जबलपुर संभाग के सभी जिलों की खास पहचान और फसल उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए करीब 200 से अधिक विक्रय सह स्टॉल लगाए गए। जिसमें छिंदवाड़ा जिले के उत्पादों के स्टॉल के प्रति लोगों में खासी दिलचस्पी दिखाई दी।
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार एवं उप संचालक जितेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संभाग स्तरीय मेले में विकासखंड सौंसर के ग्राम भुम्मा के कृषक मटरूलाल डोंगरे ने अपने खेत में उत्पादित प्राकृतिक/जैविक हल्दी का स्टॉल लगाया । इसके साथ ही विकासखंड छिंदवाड़ा के ग्राम खजरी के कृषक राहुल वसूले द्वारा नवरत्न आटे एवं अन्य प्राकृतिक/जैविक फसलों के स्टॉल लगाये गए जिन्हें लोगों द्वारा बहुत पसंद किया गया। विकासखंड छिंदवाड़ा के मेंढकीताल के कृषक सोनू बोनिया ने कच्ची घानी तेल, प्राकृतिक पध्दति से उत्पन्न तुअर दाल एवं अन्य मिलेट उत्पादों का विक्रय किया। आजीविका मिशन छिंदवाड़ा से अम्बेडकर स्व-सहायता समूह कोटलवर्री द्वारा भी मिलेट से उत्पादों का स्टॉल लगाया गया। साथ ही अर्द्धनारेश्वर फार्मर प्रोडूसर कंपनी सौंसर द्वारा ज्वार से बने उत्पादों का स्टॉल लगाया गया।
इन सभी में छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट की रसोई के सम्पूर्ण फ़ूड आकर्षण का केंद्र रहे, जिनके सभी व्यंजनों का लुफ्त जबलपुर नगरवासियों ने और मेले में आये किसानों व आमजनों ने उठाया। संभागीय मेले में जिले के उत्पादों का जवाहरलाल कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पी.के.मिश्रा एवं संयुक्त संचालक कृषि के.एस.नेताम और केंद्रीय खरपतवार अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ.मिश्रा, डॉ.पी.के. सिंह द्वारा निरीक्षण कर सराहना की गई।