कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नारायन ने जारी किए आदेश15 जून 2026 अथवा वर्षा प्रारंभ होने तक की अवधि के लिए
सतपुड़ा एक्सप्रेस छिन्दवाड़ा/17 मार्च 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हरेंन्द्र नारायन द्वारा ग्रीष्मकाल में जिले में संभावित पेयजल संकट को दृष्टिगत रखते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छिंदवाड़ा जिले को तत्काल प्रभाव से 15 जून 2026 अथवा वर्षा प्रारंभ होने तक की अवधि के लिए “जल अभावग्रस्त क्षेत्र” घोषित किया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष सामान्य वर्षा होने के बावजूद जिले के पेयजल स्रोतों के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की संभावना है। उक्त परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए जनहित में यह आदेश जारी किया गया है।
आदेशानुसार जिले के समस्त नदी, नालों, स्टॉपडेम, सार्वजनिक कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का उपयोग केवल पेयजल एवं घरेलू प्रयोजनों के लिए सुरक्षित किया गया है। कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के इन जल स्रोतों का उपयोग अन्य किसी प्रयोजन के लिये नहीं कर सकेगा। साथ ही जल अभावग्रस्त क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति के नवीन नलकूप खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। निजी भूमि पर नलकूप खनन के लिए इच्छुक व्यक्तियों को निर्धारित प्रारूप में शुल्क सहित संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। शासकीय नलकूप से 150 मीटर की परिधि में नवीन नलकूप खनन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा निजी नलकूप की गहराई शासकीय नलकूप से कम रखी जाएगी।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को इस संबंध में प्राधिकृत किया गया है कि वे अनुमति प्रदान करने से पूर्व आवश्यक जांच-परीक्षण सुनिश्चित करेंगे तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री से अभिमत प्राप्त करेंगे। आदेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल स्रोतों के सूख जाने एवं वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध न होने की स्थिति में जनहित में निजी पेयजल स्रोतों का अस्थायी अधिग्रहण किया जा सकेगा।
आदेश का उल्लंघन करने पर म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-9 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नारायन द्वारा इस आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के फील्ड अमले, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम पंचायत सचिव अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही करने के संबंध में निर्देशित किया गया है।















